अब आमरण अनशन पर गए रोडवेज कर्मी
भास्कर न्यूज - जींद
हरियाणा राज्य तालमेल कमेटी के आह्वान पर हरियाणा राज्य एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन ने पिछले तीन दिनों से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चल रही हड़ताल को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास वापस ले लिया। एसोसिएशन ने पंजाब के समान वेतन की मांग करते हुए अब आमरण अनशन शुरू किया है। गुरुवार को राज्य प्रधान देवेंद्र खुंगा को माला पहनाकर आमरण अनशन पर बैठाया गया। आमरण अनशन से पहले से सर्वसम्मति से सभी ने एक मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भेजा गया।
ज्ञापन में पंजाब के समान लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को वेतनमान दिया जाए, उच्च योग्यता के आधार पर लिपिक कर्मचारी को को विभाग में पदोन्नति कोटा दिया जाए जो कि पूर्व निर्धारित हुआ था और सरकार द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए वापस लिया गया था। सहायक पद की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए, सभी लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कन्फर्म किया जाए और खाली पड़े सहायकों के पदों को पदोन्नति से भरा जाए आदि मांगें शामिल की गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान संजीत कौशिक ने की। मुख्य संरक्षक लाभ सिंह ने कहा कि काफी समय से सरकार लिपिक वर्ग का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि जबतक उनकी मांगें मानी नहीं जाएगी उनका आंदोलन जारी रहेगा। राज्य महासचिव रामधन दलाल ने कहा कि पिछले काफी सालों से सरकार लिपिकों की जायज मांगों को पूरा करने में आनाकानी कर रही है। अब लिपिक वर्ग किसी भी बहकावे में आना वाला नहीं है।