जाम के बाद लाठीचार्ज, पथराव-हंगामा
भास्कर न्यूज - जींद
पहले रोडवेज और अब जनता को ‘रुलाने’ वाली अन्य विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हुई। लेकिन बिजली-पानी के लिए त्रस्त आम जनता सड़कों पर उतरी और जिले में कई जगह महिला-पुरुषों ने जाम लगाकर सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
बत्तख चौक पर जाम लगा रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई और गुस्साई भीड़ बेकाबू हो गई। इस दौरान पुलिस टीम पर पथराव के बाद पीसीआर को आग लगा दी। इससे स्थिति बेकाबू हो गई और भारी पुलिसबल मौके पर पहुंचा और भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। देर शाम तक भी बिजली-पानी की सप्लाई के लिए कई जगह शहर में जाम लगे रहे।
इससे यातायात व्यवस्था भी कई जगह ठप हुई और पुलिस जाम खुलवाने के लिए लोगों को समझाने में लगी रही। शाम को जींद में 200 के करीब दुकानदारों ने रोष स्वरूप बाजार भी बंद कर दिए। बिजली निगम ने भी बिजली व्यवस्था चलाने के लिए एएलएम के लिए हाथोंहाथ आवेदन लेने शुरू कर दिए। दिनभर में एससी कार्यालय में 1300 के करीब आवेदन आए। हालांकि शाम तक बिजली एवं अन्य विभाग कर्मचारियों ने सरकार से बातचीत के बाद हड़ताल वापस ले ली।
सुबह 9 बजे रोहतक रोड पर ट्रक यूनियन के बाद मिस्त्रियों और स्थानीय लोगों ने अवरोधक डालकर जाम लगा दिया। बिजली समस्या को लेकर सरकार और कर्मचारियों के प्रति रोष जताया। पटियाला चौक पर भी लोगों ने आधा घंटा जाम रखा। दोपहर को भगत सिंह कॉलोनी की महिलाएं डीसी कोठी पर बिजली समस्या को लेकर पहुंचीं। वहां डीसी के नहीं मिलने पर महिलाओं ने गोहाना रोड पर पौना घंटा तक जाम लगाया। शहर में सैनी रामलीला ग्राउंड के पास भी महिलाओं एवं पुरुषों ने एक घंटे तक जाम लगाए रखा। रामराय गेट पर भी लोगों ने
जाम लगाया। - पेज २० भी देंखें
लोगों ने दिन भर दिया धरना
जनता को चाहिए सुविधा
लोग अपनी हर सुविधा के लिए सरकार और संबंधित विभाग को पैसे देते हैं। ऐसी हड़ताल से तो बहुत परेशानी होती है।
- बिमला, निवासी भगत सिंह कॉलोनी
पानी के पड़ गए लाले
बिजली के बिना पानी के भी लाले पड़ गए हैं। दूर-दूर से हैंडपंपों पर पानी लेने के लिए लंबी लाइन लगती हैं। यह असहनीय है। जनता को सुविधाएं मिलनी चाहिए।
- रानी, निवासी भगत सिंह कॉलोनी
बिन बिजली अटके काम
बिजली के बिना अधिकतर काम अटके रहे। घरों में अंधेरा छाया है और इनवर्टर जवाब दे चुके हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार और कर्मचारियों को जनता से कोई सरोकार नहीं है। - ओमपति, निवासी जींद
भारी पुलिसबल मौजूद, फिर भी नहीं माने लोग
ञ्चआवेदन जमा करने उमड़ी भीड़ - रोडवेज की हड़ताल खत्म करने के लिए जिस तरह रातोंरात ड्राइवर और कंडेक्टर के लिए आवेदन लिए गए थे, उसी तरह बिजली निगम ने भी गुरुवार को एएलएम पद के लिए उम्मीदवारों से हाथोहाथ आवेदन लिए। इसकी सूचना मिलने ही बिजली निगम एसई कार्यालयों और अन्य कार्यालयों में बेरोजगारों की भीड़ लग गई। शाम तक 1300 से अधिक आवेदन निगम को मिले। रोडवेज विभाग ने आवेदन लेकर बेरोजगारों को नौकरी नहीं दी और बिजली निगम में भी हालात ऐसे ही होंगे।
बिजली नहीं चला पाने से शहर के व्यापारियों ने शाम पांच बजे रोष प्रकट करते हुए बाजार बंद कर दिए और रानी तालाब के पास सड़क पर आ पहुंचे। व्यापार मंडल प्रधान ताराचंद जिंदल, तांगा चौक प्रधान बलवंत कथूरिया, मेन बाजार प्रधान कृष्ण सिंगला, सुनार मार्केट प्रधान पालाराम, पंजाबी बाजार प्रधान सुरेंद्र सिंह, रेडिमेड प्रधान जयकुमार, सुनील वशिष्ठ सहित अनेक लोग ने बिजली ना आने पर रोष प्रकट किया। व्यापारी गोहाना रोड पर बस स्टैंड के पास बैठ गए। उन्होंने कहा कि अगर बिजली नहीं आई तो बाजार भी बंद रहेंगे। यह सरकार की नाकामी है।
हड़ताल खत्म - शहर में बिजली-पानी के लिए सड़क पर उतरे लोग, पीसीआर को आग लगाई
प्रदर्शन के दौरान टूटे गाड़ी के शीशे।
ञ्चकर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
तीन दिन हड़ताल रखने के बाद कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर बिजली सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने शहर में नेहरू पार्क से गोहाना रोड होते हुए डीसी कार्यालय तक प्रदर्शन किया। इसकी अध्यक्षता कर्मचारी महासंघ प्रधान दलबीर ढिल्लो, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान रामफल दलाल ने की और मंच संचालन महासंघ प्रवक्ता विनोद शर्मा ने किया। कर्मचारी महासंघ प्रांतीय चेयरमैन एवं तालमेल कमेटी सदस्य रमेश शर्मा, वित्तसचिव जिलेसिंह, एचएसबी वर्कर यूनियन के प्रांतीय मुख्य संगठनकर्ता वेदप्रकाश शर्मा, पावर कॉर्पोरेशन के प्रधान सुरेश राठी, बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ राज्य प्रधान सुशीला ढांडा, सतीश शर्मा, एचएसईबी वर्कर यूनियन के प्रांतीय उपमहासचिव रणधीर सिंह, राजेश शर्मा, रोडवेज कर्मचारी यूनियन नेता अजीत नेहरा, राजेंद्र सैनी आदि इसमें शामिल हुए।
बाजार बंद कर व्यापारी सड़क पर