बिजली बिलों का विरोध, सड़क पर उतरे लोग
भास्कर न्यूज - जींद
बिजली बिलों में अनाप-शनाप बढ़ोतरी वापस लेने, निगमों में भ्रष्टाचार रोकने समेत बिजली समस्याओं को लेकर जन संघर्ष समिति व अन्य नागरिकों ने शहर में विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में लघु सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक मांगपत्र डीसी को सौंपा।
इससे पहले रानी तालाब नेहरू पार्क में समिति ने सभा कर बिजली समस्याओं से परेशान हो रही जनता पर चर्चा की। इस मौके पर समिति प्रधान कर्मवीर सिंह ने कहा कि जिले में बिजली समस्या से लोग बुरी तरह से जूझ रहे हैं। भारी भरकम बिल देने के बावजूद भी उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति पूरी नहीं मिल रही है। बिजली निगम द्वारा अनाप-शनाप बिल देकर उपभोक्ताओं से लूट की जा रही है।
सरकार ने 1998 के बाद हरियाणा में बिजली बोर्ड को तोड़कर निगमों को यह कार्य सौंपा था। बोर्ड तोड़ते हुए तर्क दिया था कि निगम बनने से उपभोक्ताओं को बिजली सस्ती व नियमित मिलेगी। लेकिन सरचार्ज व इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी आदि के नाम पर कई बार अघोषित बढ़ोतरी करके उपभोक्ताओं पर भारी बोझ लाद दिया है। निगम में कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। बाद में प्रदर्शन करते हुए समिति के लोग डीसी राजीव रत्तन से मिले और अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर कुलदीप सिंह ढांडा, फूलसिंह श्योकंद ने संबोधित किया।
ये उठाई मांगें
ञ्चबिजली बढ़ोतरी को वापस लेकर 500 यूनिट तक ढाई रुपए प्रति यूनिट बिजली दी जाए।
ञ्चबिजली चोरी पर सख्ती से रोक लगे व बिजली यूनिट की खपत की गणना मासिक आधार पर की जाए।
ञ्चनिगमों में भ्रष्टाचार पर रोक के लिए स्वतंत्र एजेंसी से सोशल ऑडिट करवाया जाए।
ञ्चसमय-समय पर बिजली मीटरों के चार्ज, फ्यूल चार्ज, म्युनिसिपैलिटी चार्ज, इलेक्ट्रिसिटी डयूटी आदि के नाम पर हो रही लूट पर रोक लगाई जाए।
ञ्चनिगम में वर्कलोड के हिसाब से नियमित कर्मचारियों की भर्ती की जाए और ठेका प्रथा बंद हो।
ञ्चपिलर बॉक्स लगाने पर रोक लगाई जाए, दुकानों के बिल भी घरेलू बिलों के रेट पर लिए जाएं।
ञ्चखुद की डोरी व मीटर का लाइन खर्चा बंद हो।