छात्र बोले-रद्द हों ३५१९ निजी बस परमिट
भास्कर न्यूज - जींद
प्रदेश सरकार द्वारा रोडवेज के 3519 प्राइवेट परमिट जारी करने के विरोध में छात्रों ने छात्र नेता विकास सफाखेड़ी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद छात्रों ने 3519निजी बस परमिट रद्द किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन डीसी कार्यालय में सौंपा।
छात्र नेता विकास सफाखेड़ीने कहा कि स्कूल, कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों के लिए अलग से बसों की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते छात्र बसों पर लटक कर या छत पर बैठ कर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। कई बार लंबे रूट के बस चालक बस में भीड़ अधिक होने के कारण बसों को स्टोपेजपर नहीं रोकते। इसके चलते छात्रों तथा रोडवेज कर्मियों में टकराव की स्थिति हमेशा बनी रहती है। स्कूल समय पर पहुंचने तथा साधन कम होने के कारण कई बार दुर्घटना भी हो जाती है। सरकार द्वारा प्रदेश में पहले से निजी बसें चलाई जा रही हैं, लेकिन ये बसें मूलभूत रूटों को छोड़ कर अन्य रूटों पर चलती हैं। इसका फायदा छात्रों को नहीं मिल पाता। इस अवसर पर संजय, राजेश, मनदीप, धर्मबीर, आनंद, सुशील, सुमेर, नरेश, विकास, पवन, सुनील मौजूद रहे।
अनुबंधित को ज्यादा और नियमित डॉक्टरों को मिल रहा कम वेतन
जींद - हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी चिकित्सकों ने अपनी लंबित मांगों के प्रति सरकार के नकारात्मक रवैये के विरोध में काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी देते हुए रोष जताया। एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. जेके मान व महासचिव डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ा है और वे सरकारी नौकरी छोडऩे को आमादा हैं।
चिकित्सकों को रिटेन करे सरकार : एसोसिएशन नेताओं ने कहा कि सरकार एनआरएचएम के तहत अनुबंधित आधार पर चिकित्सकों को तो ज्यादा वेतन देती है, लेकिन नियमित चिकित्सकों को कम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार नियमित को भी उनके समान वेतनमान दे, ताकि चिकित्सक नौकरी न छोड़ें। विशेषज्ञ चिकित्सकों को रिटेन करने के लिए अनुबंध पर लिए जा रहे तुलनात्मक वेतन व हर एसीपी के साथ पद नाम में भी परिवर्तन किया जाए। मांगों को लेकर एसोसिएशन की राज्य स्तरीय बैठक 26 जनवरी को आयोजित कर मांगों के समाधान बारे चर्चा होगी और कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।