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एक लाख से ज्यादा बच्चों ने जांची अपनी प्रतिभा

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सोनीपत/ जींद/ पानीपत
सोनीपत के खड़ी दमकना के सरकारी स्कूल में 16 जनवरी की दोपहर बच्चे जब एक गैर सरकारी परीक्षा दे रहे थे तो उनके अभिभावक इस भविष्य की झलक देखने के लिए एकत्रित थे। स्कूल में यह परीक्षा सरकारी परीक्षाओं से अलग थी। नकल की बजाय अक्ल से आगे बढऩे का उत्साह था।
रविवार को ‘हर बच्चा बन सकता है जीनियस’ परीक्षा सोनीपत, जींद व करनाल के 11 ब्लाकों में रखी गई थी। ग्रामीण प्रतिभा विकास समिति के इस आयोजन में 625 गांवों के 1 लाख 6 हजार 800 बच्चों ने हिस्सा लिया। इस तरह यह स्कूल स्तर पर राज्य की एक बड़ी गैर सरकारी शैक्षणिक प्रतियोगी बन गई।
परीक्षा में कक्षा तीसरी से दसवीं तक के विद्यार्थी शामिल हुए। इनके लिए 110 केंद्र बनाए गए थे। इन्हें एक घंटे का प्रश्नपत्र दिया गया था जिसमें छात्रों के अपने विषय के अलावा सामान्य ज्ञान के सवाल के जवाब देना था।
अब्दुल कलाम की दृष्टि : परीक्षा के आयोजक उद्यमी व समाजसेवी सतीशराज देसवाल ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद के विजन-2020 के तहत इस परीक्षा का आयोजन शुरू किया है। उनके अनुसार इसका यह लगातार चौथा साल है। इस साल इसमें चालीस हजार ज्यादा बच्चे शामिल हुए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि परीक्षा के इंतजामों से लेकर कॉपियों के मूल्यांकन के लिए समिति के साथ कई स्वयंसेवी कार्यकर्ता जुड़े हैं।




बच्चों को प्रोत्साहन के लिए कई पुरस्कार

देसवाल की समिति ने बच्चों की प्रतिभा सामने लाने के लिए कई पुरस्कार रखे हैं। हर ब्लॉक पर पहला स्थान पाने वाले को लैपटॉप, दूसरे स्थान के लिए टैबलेट व तीसरे स्थान पर आने वाले को साइकिल दी जाएगी। इस तरह कुल 1,760 इनाम बांटे जाएंगे।



ञ्चस्वयंसेवी संस्था ग्रामीण प्रतिभा विकास समिति ने रखी ‘हर बच्चा बन सकता है जीनियस’ अभियान के तहत परीक्षा