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इस साल कर्ज के शिकंजे से मुक्ति का लें संकल्प

7 वर्ष पहले
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नया साल जिंदगी के कई क्षेत्रों में नई शुरुआत लाता है। वित्त प्रबंधन भी इसमें शामिल है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसका वित्त प्रबंधन बेहतर और सुनियोजित हो। लेकिन काफी कम लोग यह कर पाते हैं। ऐसा क्यों? इसका एक बड़ा कारण उनका कर्ज के भयानक शिकंजे में फंसा होना है। कर्ज किसी भी व्यक्ति के वित्त को चुपचाप हकाम कर सकता है। कर्ज जितना ज्यादा होगा, उतना ही ब्याज में लगेगा। अलग-अलग कर्ज पर ब्याज जुड़ता है तो वित्तीय सेहत खराब होना तय है। नया साल शुरू हो चुका है। ऐसे में आइये संकल्प लें कि इस साल हम पुराने कर्ज से मुक्त होंगे। साथ ही भविष्य में वित्तीय आजादी हासिल करने के लिए योजना पर काम करेंगे।

बिना सोचे-समझे शॉपिंग नहीं करेंगे: कहावत है कि बचाव ही श्रेष्ठ निदान है। कर्ज में डूबने की नौबत आने पर तत्काल कोई फैसला नहीं हो सकता। भविष्य में यदि कर्ज के शिकंजे से दूर रहना है तो आपको बिना सोचे-समझे शॉपिंग से बचना होगा। क्या आपको अनाप-शनाप शॉपिंग की आदत है? क्या आप गैरजरूरी वस्तुएं भी खरीद लेते हैं? यदि ऐसा है तो आपको खर्च कम कर बचत बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक मंदी के इस दौर में एक रुपया बचाना, एक रुपया कमाने के बराबर है। कम खर्च का मतलब यह नहीं है कि आप जरूरत की वस्तुओं पर भी खर्च न करें। लेकिन आपको दूरगामी वित्त प्रबंधन के लिए खुद पर काबू रखना होगा।

पुराना कर्ज चुकाएं: कर्ज कम करने का अच्छा तरीका पुराने कर्ज को चुकाना है। यदि आपके पास अतिरिक्त पैसा है तो किसी नई जगह खर्च करने की बजाय पुराने कर्ज को चुकाएं। किसी कर्ज पर ब्याज दर जितनी ज्यादा होगी, उसे उतना ही पहले चुकाएं। यानी क्रेडिट कार्ड बिल, पर्सनल लोन और होम लोन को उनकी ब्याज दरों के आधार पर जल्द से जल्द खत्म करने की कोशिश करें। सालाना बोनस, पक्र्स और अन्य फायदों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में करें। होम लोन के संबंध में जहां भी सौदा अच्छा मिले, तत्काल लोन ट्रांसफर कराएं। यह कदम बचत को बढ़ा सकता है।

गैरजरूरी कार्ड बंद करें: आजकल कई लोग एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखते हैं। इससे गैरजरूरी खर्च की संभावना भी ज्यादा रहती है। क्रेडिट कार्ड जितने ज्यादा होंगे, बिना ब्याज के भुगतान की तारीख निकलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। क्रेडिट कार्ड बकाया पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज से काफी कम अवधि में बकाया राशि कई गुना बढ़ जाती है। क्रेडिट कार्ड होना फायदेमंद तो है, लेकिन कार्ड एक से ज्यादा होने पर कर्ज के शिकंजे में फंसने की आशंका भी उतनी ही ज्यादा होती है।

आय के बड़े हिस्से का निवेश करें: पुराना कर्ज खत्म करना अच्छी बात है, लेकिन आय के एक हिस्से का निवेश आपात फंड में भी करें। यह आपात फंड पुराने कर्ज चुकाने में भी महत्वपूर्ण साबित होगा। कर्ज के शिकंजे से बाहर निकालने में भी मदद कर सकता है। निवेश एक अच्छी आदत है। इसे विकसित किया जाना चाहिए। इससे ही हर व्यक्ति अपना और अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकता है।

कर्ज सलाहकार नियुक्त करें: यदि कर्ज बहुत ज्यादा है तो आपको एक सलाहकार की मदद लेनी चाहिए। वह आपकी जरूरतों और हालात के मद्देनजर बेहतर विकल्प सुझा सकता है। यदि सलाहकार को फीस देने में समस्या है तो आप मुफ्त सलाहकार की मदद भी ले सकते हैं। आजकल कई बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों ने फाइनेंशियल लिटरेसी काउंसिलिंग सेंटर खोल रखे हैं। वहां कर्ज विशेषज्ञ बिना किसी फीस के कर्ज को मैनेज करने के टिप्स भी देते हैं।

- लेखक ड्ढड्डठ्ठद्मड्ढड्ड5ड्डड्डह्म्.ष्शद्व के सीईओ हैं।

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