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प्रभु सिमरन से अंतकरण की शुद्धि होती है : शुकदेव

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज-!-कुरुक्षेत्र
सेक्टर-पांच कम्युनिटी सेंटर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में कथावाचक आचार्य शुकदेव ने कहा कि अंत:करण की शुद्धि सत्संग, सेवा और प्रभु सिमरण से हो सकती है। जो ज्यादा बोलता है, वह झूठ अवश्य बोलेगा। इसलिए हो सके तो व्यर्थ प्रलाप बंद करो। भगवान से बार-बार मत मांगो। बार-बार मांगना दुखदायी होता है। कथा में उन्होंने 24 अवतारों की कथा और शुकदेव-परीक्षित संवाद सुनाया। कथा से पूर्व आयोजकों ने सर्वदेव पूजन में भाग लेकर भागवत पूजन किया। कथावाचक ने भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य की पिछली व अगली पीढिय़ों का उद्धार होता है। भागवत आरती में आचार्य विनोद मिश्र, ओमप्रकाश शर्मा, दर्शनपाल शर्मा, जयप्रकाश आश्री, कृष्ण बलदेव कौशिक एडवोकेट, केसी गुप्ता, सत्य नारायण, रमेश आश्री, राकेश गर्ग, रामकुमार शर्मा, वीरभान शर्मा, कंवरसेन वर्मा, डॉ. सुभाष चंद, फकीरचंद गुप्ता, बीके गोयल, जगदीश अग्रवाल, नाथीराम गुप्ता, प्रो. इंद्रमोहन व सतपाल वालिया ने हिस्सा लिया।