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सफाई कर्मचारियों के खाते में सीधे वेतन जमा कराएगी सरकार

8 वर्ष पहले
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नरेश भारद्वाज - कैथल
नगर परिषद में ठेके पर लगे कर्मचारियों को अब सरकार सीधे वेतन देगी। ठेकेदार की भूमिका बस इतनी ही होगी कि वह उनका रिकार्ड मेनटेन करे। इसके लिए सरकार उसे बस सर्विस चार्ज ही देगी।
ठेके पर लगे दूसरे कर्मचारियों के मामले में भी इसी तरह का नियम लागू होगा। नगर परिषद में इस समय १५० कर्मचारी ठेके पर हैं जिनसे सफाई का काम लिया जा रहा है। ठेकेदार के जरिए लगाए इन लोगों को अब सरकार ८१०० रुपए प्रति माह वेतन देती है। इससे पहले उन्हें ईपीएफ व ईएसआई सहित ७१०० रुपए डीसी रेट के आधार मिल रहे थे। इस स्कीम का सबसे अधिक फायदा उन कर्मचारियों को होगा जो किसी अधिकारी की बेगार नहीं करना चाहते।
पहले हर कर्मचारी का बैंक में खाता खुलवाएगा ठेकेदार: सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के लिए नगर परिषद ठेकेदार हो चेक देती थी जिसे वह कैश करा कर प्रधान की मर्जी से कर्मचारियों को बांट देता था। अब हर माह पहले ठेकेदार कर्मचारियों के वेतन के लिए बिल जमा कराएगा। बिल के साथ जो कर्मचारी काम कर रहे हैं, उनके बैंक खाता नंबर भी देगा। इसके साथ जिनसे काम लिया जा रहा है, उनके ईपीएफ व ईएसआई नंबर भी देगा। इसके बाद नगर परिषद की जिम्मेदारी होगी कि वह हर कर्मचारी के खीते में उसका वेतन एक तारीख को जमा करा दे। अर्बन लोकल बॉडीज के कमिश्नर ने अपने पत्र में साफ कहा है कि ईपीएफ व ईएसआई के पैसे कर्मचारियों के खाते में जमा हो जाएं। यह भी नगर परिषद सुनिश्चित करेगा। ठेकेदार को केवल सर्विस चार्जेज का ही भुगतान किया जाएगा।




> प्रधान और ठेकेदार दोनों की मनमानी खत्म

ठेके के कर्मचारियों से बेगार लेना होगा कठिन

आल इंडिया बैकवर्ड एंड मेन्योरिटी एंप्लाइज फेडरेशन ((बामसेफ)) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व प्रदेश प्रभारी सुरेश द्रविड का कहना है कि प्रधान जी न तो अब किसी कर्मचारी को निकाल सकते हैं और न ही किसी का वेतन लेट कर सकते हैं क्योंकि वेतन खाते में जमा होने पर हर चीज का रिकार्ड रहेगा। नगर परिषद में कहने के लिए १५० सफाई कर्मचारी ठेके पर हैं। काम पर कितने हैं, ये केवल प्रधान जी व ठेकेदार को ही मालूम है। ठेकेदार जितने कर्मचारियों का वेतन लेता है, वास्तव में उतने कर्मचारी काम पर नहीं रखे जाते। प्रधान व ठेकेदार बाकी रकम को आपस में मिल बांट कर हड़प कर जाते हैं। कैथल की नगर परिषद में तो कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके नाम का केवल फर्जी वेतन ही लिया जाता है। प्रधान जी ने अपनी गाड़ी पर जो ड्राइवर रखा हुआ है, वह भी इन्हीं कर्मचारियों में से एक है। बैंक में खाता खुलने से पूरी जानकारी हो जाएगी कि किस कर्मचारी को किस एवज में वेतन दिया जा रहा है।

अब किससे बेगार लेंगे प्रधान जी वेतन तो सीधे खाते में जाएगा