पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पीएचसी में चार घंटे तड़पती रही गर्भवती

पीएचसी में चार घंटे तड़पती रही गर्भवती

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - बिलासपुर
चार घंटे तक महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन कोई डॉक्टर इलाज के लिए नहीं आया। देर रात महिला को जगाधरी रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके बच्चे को बचाने में असमर्थता दिखाई। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भवती को अस्पताल लाने में काफी देर कर दी गई। पीडि़त महिला व उसके पति ने एसडीएम बिलासपुर को ज्ञापन सौंप कर अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अहड़वाला गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि 26 जनवरी को उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। एहतियात के तौर पर उसने तुरंत अपनी पत्नी निशा देवी को बिलासपुर पीएचसी में भर्ती कराया। राजकुमार का आरोप है कि अस्पताल में उस समय डॉक्टर मौजूद नहीं थे। नर्स ने उसकी पत्नी को दाखिल किया और डिलीवरी नॉर्मल होने का आश्वासन दिलाया, लेकिन तीन घंटे तक उसकी पत्नी पीड़ा से तड़पती रही लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया।
साढ़े दस बजे निशा को जगाधरी रेफर किया गया। रात 11 बजे जैसे ही वह जगाधरी अस्पताल में पहुंचे तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने निशा की हालत देखकर कहा कि आप बहुत लेट आए हो। बच्चे की सांसें थम चुकी है। डिलीवरी में देरी होने के कारण बच्चे की पेट में ही मौत हो गई।