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७५० का सिटी स्कैन, देने पड़ रहे ४५०० रुपए

8 वर्ष पहले
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सुखविंद्र सिंह - कैथल
मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को गंभीर बीमारियों का सिटी स्कैन कराने के लिए दो हजार से साढ़े चार हजार रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। यही नहीं, महंगे टेस्ट कराने के लिए भी मरीजों को बाजार में ज्यादा पैसों का भुगतान करना पड़ रहा है। कैथल के 100 बिस्तर के अस्पताल में मरीजों के लिए सिटी स्कैन और टेस्ट सुविधा के लिए बायो कैमिस्ट्री मशीन की दरकार है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग मरीजों को निशुल्क इलाज दे रहा है। लेकिन मरीजों की अस्पताल में बढ़ती संख्या को देखते हुए सिटी स्कैन की बेहद जरूरत महसूस हो रही है। अस्पताल में आए मरीजों को प्राइवेट सेंटरों में सिर के सिटी स्कैन के लिए 1800 रुपए और पेट के सिटी स्कैन कराने के लिए 4500 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं जबकि बायो कैमिस्ट्री मशीन आने से यही टेस्ट 750 रुपए में होगा।
73 टेस्ट निशुल्क, बाकी बाहर से: सरकारी अस्पताल में ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, लीवर फंक्शन टेस्ट, टीएलसी, डीएलसी, ईसीआर, पैकेड सेल वॉल्यूम, ब्लीडिंग टाइम, एबीओ ब्लड ग्रुप समेत करीब 73 तरह बीमारियों के टेस्ट किए जा रहे हैं।



अस्पताल में बिस्तर कम मरीज ज्यादा

कैथल अस्पताल में 100 बिस्तर की व्यवस्था है लेकिन एक जनवरी से इलाज फ्री होने की सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पहले अस्पताल में रोजाना 800 मरीजों के आसपास सुविधा थी लेकिन अब ओपीडी में मरीजों की संख्या 900 से एक हजार तक पहुंच गई है। हालांकि मरीजों को निशुल्क टेस्ट, एक्स-रे व सर्जिकल पैकेज की सुविधा मिल रही है लेकिन सिटी स्कैन कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि पीजीआई स्तर के अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा बेहद जरूरी है। इससे पूर्व प्रदेश में सरकार ने पंचकूला और गुडग़ांव में सिटी स्कैन सुविधा दी है।

विकल्प : कैथल को मिल सकती है बायो कैमिस्ट्री मशीन

प्रदेश सरकार ने मरीजों को विभिन्न खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए छह जिलों में बायो कैमिस्ट्री मशीन उपलब्ध कराई हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों के अनुसार अब अस्पताल में 73 टेस्ट की सुविधा है। सरकार ने तीन वर्ष पूर्व 120 करोड़ रुपए खर्च कर फरीदाबाद, रोहतक, भिवानी, सोनीपत, हिसार समेत छह जिलों में यह मशीन उपलब्ध है। भिवानी में मशीन वर्किंग में है जबकि कर्मचारियों का कहना है कि हिसार और सोनीपत में ये मशीनें इस्तेमाल न होने के कारण सीलबंद पड़ी हैं। अगर ये मशीन कैथल अस्पताल में शिफ्ट कर दी जाएं तो डेढ़ से अधिक टेस्ट मिनटों में करने की सुविधा मिल जाएगी।

> टेस्ट सुविधा न होने के कारण प्राइवेट अस्पतालों में सिटी स्कैन कराने के लिए 1800 से 4500 रुपए देनी पड़ रही फीस

> बायो कैमिस्ट्री मशीन आने से मिनटों में होंगे टेस्ट

> गुडग़ांव और पंचकूला में है सिटी स्कैन सुविधा, अब कैथल में जरूरत

> फरीदाबाद, रोहतक, भिवानी, सोनीपत और हिसार में है बायो कैमिस्ट्री सुविधा, चार जिलों में सीलबंद पड़ी हैं मशीन

अस्पताल में ये सुविधा बेहद जरूरी: गुप्ता

सीएमओ आदित्य स्वरूप गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में सिटी स्कैन और बायो कैमिस्ट्री मशीन की बेहद जरूरत है। इस बारे में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर पंकज गुप्ता से मांग की है। उन्होंने जल्द एडजस्टमेंट करने का भरोसा दिलाया है। ये सुविधा मिलने के बाद मरीजों को महंगे इलाज से राहत मिलेगी।

कैथल . सरकारी अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी भीड़।

मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में मरीजों की संख्या के चलते बायो कैमिस्ट्री मशीन शिफ्ट करने की दरकार

इनकी भी सुनिए

क्या कहना है मरीजों का

कराने से कतरा रहे

संडील वासी मथुरा देवी का कहना है कि अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सुविधा तो मिल रही है। लेकिन सिटी स्कैन सुविधा न होने से उन्हें मुश्किल हो रही है। गरीब आदमी दो या चार हजार रुपए में कैसे सिटी स्कैन कराएगा। सरकार को सोचना चाहिए।



पहुंच से बाहर है

कैथल वासी रेखा का कहना है कि पेट की बीमारियों के लिए मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में सिटी स्कैन कराने पर साढ़े चार हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं जो मरीजों की पहुंच से बाहर है। सरकार अगर अस्पताल में सिटी स्कैन की सुविधा दे तो मरीजों को बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।