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20 हजार दवाइयों पर खर्च फिर भी मर गईं 4 भैंसें

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - कैथल
अमरगढ़ गामड़ी में एक साथ दस पशुओं की मौत व बीमार होने से घरों की दूध सप्लाई बंद हो गई है। अमरगढ़ गामड़ी के लोग दूध बेचने का काम करते हैं। आसपास के लोग ही यहां से दूध की खरीद करते हैं। बीमार पशुओं ने दूध देना बंद कर दिया है इसलिए दूध की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। करीब 40 से 50 घरों की दूध सप्लाई बंद हो गई है। दूसरी जगहों से लोगों को दूध लाना पड़ रहा है।
रामकुमार ने बताया कि 22 जनवरी को उनकी एक भैंस ने चारा खाना छोड़ दिया। दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद तीन भैंसें भी बीमार हो गईं। पशुओं के डॉक्टरों से इसका लगातार इलाज कराया। बावजूद इसके तीनों भैंसों की मौत हो गई। रामकुमार ने बताया बीस हजार रुपए दवाइयों पर लगाए लेकिन एक भी भैंस नहीं बची।
रतन सिंह सैनी के एक कटड़े व कटड़ी की मौत हो गई। मंगतराम व हरिसिंह सैनी की एक गाय, कटड़ी व बछड़ी की मौत हो गई। जिले सिंह व हवा सिंह ने बताया कि उनकी भैंसें भी कई दिनों से बीमार चल रही हैं। उनका कहना है कि किसी अज्ञात बीमारी के कारण पशुओं की मौत हो रही है। पिछले तीन-चार दिनों में ही दस पशुओं की मौत हो गई है। काफी पशु बीमार हैं।
डॉक्टरों की समझ में कुछ नहीं आ रहा है इसलिए पशुओं की मौत हो रही है। पूरे मोहल्ले में यह बीमारी फैली हुई है। उनका कहना है यदि इसे कंट्रोल नहीं किया गया तो ज्यादा पशु मर सकते हैं।



॥एक साथ इतने पशु मरने से पशुपालकों डरे हुए हैं। उनकी सभी भैंसे मर गई हैं। घर में एक भी भैंस नहीं बची। डॉक्टरों की समझ में भी कुछ नहीं आ रहा है। पशुओं का पूरा इलाज कराया लेकिन एक भी पशु नहीं बचा।

बंतो देवी

॥उनमें मुंहखुर व गलघोटू के साथ मिक्स बैक्टीरिया आया हुआ है। इसी आधार पर पशुओं का इलाज चल रहा है। गामड़ी में पशुओं को मुंहखुर व गलघोटू के टीके लगा दिए हैं। अब बीमारी कंट्रोल में है।

डॉ. एनडी गोयल, पशु चिकित्सक

कैथल. अब बची केवल यादें... बार-बार भैंस की खुरली पर बंधी संगल को देखती रहती है बंतो देवी। अमरगढ़ गामड़ी में मरी भैंसों के बारे में जानकारी देते बाबू राम और पास पड़ी दवाइयां।

> डॉक्टरों ने लगाए पूरे मोहल्ले की भैंसों को गलघोंटू व मुंहखुर की बीमारी के टीके