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- 58 साल तक शहर की प्यास बुझाने वाली टंकी अब गिरेगी
58 साल तक शहर की प्यास बुझाने वाली टंकी अब गिरेगी
कैथल - 58 साल से शहर के लोगों की प्यास बुझाने वाली करीब 90 फुट ऊंची टंकी जल्द गिराई जाएगी। टंकी जर्जर हाल होने के कारण नगर परिषद ने यह फैसला लिया है। आबादी क्षेत्र में ये टंकी शहरवासी और दुकानदारों के लिए खतरा बनी हुई है। हालांकि शहर में अब नहरी पेयजल सप्लाई शुरू गई है फिर भी इमरजेंसी में यही टंकी शहर के लोगों की प्यास बुझा रही है।
शहर की सबसे पुरानी टंकी को गिराकर नगर परिषद बेघर लोगों के लिए रैन बसेरा बनाएगी। मार्केट के लोग इस टंकी को गिराने की कई बार मांग उठा चुके हैं। ज्यादा पुरानी होने के कारण यह गिर सकती है इसलिए नगरपरिषद के अधिकारियों ने इसे गिराने का प्लान तैयार किया है।
1955 में बनाई थी पानी की टंकी: शहर में पानी की सप्लाई करने के लिए 1955 में इस टंकी को बनाया था। उसी समय से ही शहर के करीब 20 मोहल्लों में पानी की सप्लाई होती है। पुराना कैथल ऊंचाई पर बसा हुआ है इसलिए यह टंकी भी 90 फुट ऊंची बनाई गई थी।
राजेश, गौतम व सरजीवन शर्मा ने बताया कि जब टंकी बनी थी। उस समय यहां पर एक आध दुकान होती थी। लेकिन अब इसके चारों ओर मार्केट बन चुकी है। इस जगह को गांधी पार्क के नाम से जाना जाता था। शहर के लोग यहां पर सैर करने के लिए आते थे। यहां पर गांधी जी की प्रतिमा भी थी लेकिन तीन वर्ष पहले रातोंरात गांधी की प्रतिमा को यहां से हटाकर जवाहर पार्क में लगा दिया। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था।
कैथल. गांधी पार्क की यह टंकी गिराई जाएगी।
20 लाख का बजट
नगरपरिषद के ईओ बीएन भारती ने बताया कि टंकी को हटाकर यहां पर नगरपरिषद बेघर लोगों के लिए रैन बसेरा बनाएगी। जिन लोगों के पास अपना कोई घर नहीं है और फुटपाथ पर सोते हैं। ऐसे लोग रात को यहां पर सो सकते हैं। नीचे बड़ा हॉल बनाया जाएगा। ऊपर ग्राउंड फ्लोर व दूसरी मंजिल कमरे बनाए जाएंगे। एक सार्वजनिक शौचालय बनाया जाएगा। इसके लिए बीस लाख रुपए का बजट आ गया है। जल्द ही यहां से टंकी को हटाने के बाद रैन बसेरा बनाने की शुरुआत की जाएगी। यहां पर सार्वजनिक शौचालय भी बनाया जाएगा। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों का कहना है कि रैन बसेरा बनाने में टेक्निकल दिक्कत आ सकती है। इस टंकी के नीचे पानी सप्लाई के बड़े-बड़े पाइप है। यहीं से होकर शहर की सप्लाई होती है। 15-15 इंची कई पाइप यहां से होकर गुजरते हैं। इन पाइपों को उखाडऩा यहां से काफी मुश्किल होगा। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों कहना है कि टंकी के आसपास सभी जगह पाइप है। इतने पाइपों के ऊपर भवन बनाना मुश्किल होगा।
लाख लीटर है टंकी की क्षमता
मोहल्लों में होता है पानी स्प्लाई
पहले भी मांग उठाई थी
॥मैंने टंकी हटाने की जिला प्रशासन व नगरपरिषद से पहले भी मांग उठाई थी। टंकी काफी पुरानी होने के कारण कभी भी गिर सकती है। इससे मार्केट के दुकानदारों को नुकसान हो सकता है। इसे हटाना जरूरी है। टंकी को जल्दी यहां से हटाना चाहिए।
राजेंद्र अग्रवाल, दुकानदार
कई वर्षांे से खतरा बना है
॥पुराना शहर ऊंची जगह पर बसा हुआ है। यह टंकी भी ऊंचाई पर बनी है। कई वर्षांे से इसके गिरने का खतरा बना है। काफी ऊंची होने के कारण इसके गिराने में सावधानी बरतने की जरूरत है।
सरजीवन शर्मा, अर्जीनवीस
॥टंकी काफी पुरानी है। जवाहर पार्क में बूस्टर बनने से इसका इस्तेमाल कम हो गया है। यह जगह भी नगरपरिषद की है। नगरपरिषद ने इस टंकी को हटाने का प्लान बनाया है।
बीबी गुप्ता, जेई, पब्लिक हेल्थ
॥टंकी के आसपास काफी आबादी है। 90 फुट ऊंची टंकी को टेक्निकल तरीके से गिराया जाएगा। पुराने समय में सीमेंट व सरिया अच्छी क्वालिटी का इस्तेमाल होता था। इसके गिराने के लिए एक्सपर्ट लोगों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
सुरेंद्र रांझा, पूर्व उप प्रधान, नप।
गिरेगी 58 साल पुरानी टंकी बेघरों को मिलेगा आसरा
टंकी की जर्जर हालत को देखते लिया नप ने फैसला