भाई की हत्या करने वाले को उम्रकैद
> तफ्तीश के दौरान बच्चों और पत्नी के बयान हुए तो मुदई ही निकला हत्यारा
> पैसों के लेन-देन को लेकर चल रहा था विवाद
भास्कर न्यूज - कैथल
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस सिद्धू ने बाकल गांव में भाई की कुएं में फेंक कर हत्या करने के एक मामले की सुनवाई करते हुए दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। 23 मार्च 2012 को बाकल वासी गुरनाम का शव कुएं से बरामद हुआ था। मृतक के भाई दलीप सिंह ने पुलिस को शिकायत की थी कि मृतका की पत्नी बलजीत कौर और सल्फानी वासी दर्शन ने मिलकर उसके भाई की हत्या की है।
पुलिस ने दर्शन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस ने गुरनाम की पत्नी बलजीत कौर और नौ वर्षीय बेटी प्रभजोत और छह वर्षीय गुरप्रीत के बयान दर्ज किए थे। तीनों के बयान के बाद पता चला कि दोनों भाइयों में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। दलीप सिंह ने गुरनाम के पैसे देने थे। 22 मार्च की रात्रि उसने भाई गुरनाम को शराब पिलाई। दलीप ने बलजीत और बच्चों से मारपीट की। बलजीत कौर कहीं छुप गई। गुरनाम को नशा हो गया। बच्चों और पत्नी ने खुलासा किया कि दलीप सिंह ने गुरनाम को कुएं में फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई। मामला अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने दलीप सिंह को धारा 302 में उम्रकैद पांच हजार जुर्माना, जुर्माना न देने पर छह माह कैद, 201 में पांच वर्ष कैद, दो हजार जुर्माना, जुर्माना न देने पर तीन वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई है।