पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आरटीआई के लिए कारण बताना जरूरी नहीं: नैन

आरटीआई के लिए कारण बताना जरूरी नहीं: नैन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गुहला चीका - सूचना का अधिकार नियम आम लोगों के हाथ में एक ऐसी कड़ी की तरह है, जिससे शासन और प्रशासन की किसी भी तरह की सूचना अधिकार स्वरूप प्राप्त की जा सकती है। उक्त विचार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका में सूचना के अधिकार अधिनियम की जानकारी देते हुए अधिवक्ता जीवन सिंह नैन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपवाद स्वरूप रखी सूचनाओं को छोड़कर निर्धारित फीस जमा करवाने पर किसी भी तरह की सूचना 30 दिन के अंदर प्राप्त कर सकता है, अगर सूचना जीवन व स्वतंत्रता से संबंधित है तो सूचना 48 घंटे के अंदर देना जनसूचना अधिकारी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि बीपीएल कार्ड धारकों को सूचना प्राप्त करने के लिए किसी भी तरह की फीस जमा करवानी अनिवार्य नहीं है। सूचना प्राप्त करने वाले को सूचना क्यों प्राप्त की जा रही है, इसका कारण बताना भी आवश्यक नहीं है। उन्होंने बताया कि जनसूचना अधिकारी द्वारा अधूरी सूचना प्रदान करना या सूचना जानबूझकर न देना, सूचना देने से इंकार समझा जाएगा।