- Hindi News
- बर्थ सर्टिफिकेट चाहिए तो उर्दू पढऩे वाला लेकर आओ
बर्थ सर्टिफिकेट चाहिए तो उर्दू पढऩे वाला लेकर आओ
प्रमोद कुमार - सिरसा
बुढ़ापा पेंशन बनवाने के लिए सबसे बढिय़ा तरीका है कि आवेदन कर्ता के पास बर्थ सर्टिफिकेट होना चाहिए ताकि उम्र का आंकलन हो सके। जिलेभर के लोग बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सिविल अस्पताल आते हैं तो एक दिक्कत पेश आती है, वह यह कि रिकॉर्ड उर्दू में है जिसको पढऩे वाला कोई नहीं। बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने वालों को पहले ही स्पष्ट कहा जाता है कि उर्दू भाषा पढऩे वाला लेकर आओ। बर्थ सर्टिफिकेट बन जाएगा। दरअसल, सिविल अस्पताल में पिछले 3 सालों से उर्दू ट्रांसलेटर नहीं है, ऐसी स्थिति में जिलेभर के लोगों को उर्दू ट्रांसलेटर ढूंढने में दिक्कत होती है और बर्थ सर्टिफिकेट तैयार नहीं होता।जिले के सभी गांवों में बर्थ का पूरा रिकॉर्ड सन 1969 से पूर्व उर्दू भाषा में है। सिविल अस्पताल में सन 1800 तक का रिकॉर्ड उपलब्ध है। ऐलनाबाद व रानियां थाना का रिकॉर्ड तो 1974 तक भी हिंदी व उर्दू में मिक्स है। जिले के सभी गांवों का बर्थ रिकॉर्ड 2004 तक अस्पताल में है जबकि उसके बाद 2005 से लेकर अब तक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है।