खाकी कार्ड धारकों को भी मिलेगा लाभ
कुलदीप शर्मा - सिरसा
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना- 2013 के तहत जिला में प्रायोरिटी हाउस के लिए आए गेहूं ने विभाग और डिपोधारकों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। सिरसा में प्रति यूनिट के हिसाब से यह गेहूं कम मात्रा में मिला है। गेहूं की ऐलोकेशन कम आने पर विभाग ने शॉर्टकट रास्ता अपनाया है। अब इस योजना का गेहूं पहले आओ-पहले पाओ की नीति पर वितरण किया जाएगा। उसमें भी डिपो संचालक को यह ध्यान में रखना होगा कि कोई पीला व गुलाबी कार्ड धारक गेहूं से वंचित न रह जाए। उसके बाद बचा गेहूं प्रायोरिटी हाऊस ओल्ड ((खाकी कार्ड)) धारकों को दिया जाएगा। बीपीएल परिवारों को पहले की तरह ही गेहूं वितरित किया जाना है। वहीं प्रायोरिटी हाउस ओल्ड के तहत 5 किलोग्राम प्रति सदस्य गेहूं दिया जाना है।
एलोकेशन कम होने पर विभाग ने रोका गेहूं वितरण
सिरसा जिला को गेहूं की एलोकेशन कम मिलने के कारण विभाग ने गेहूं का वितरण रोक देने को कहा है। हालांकि जिला खाद्य आपूॢत विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। डिपू एसोसिएशन के प्रधान सोमनाथ दुग्गल ने बताया कि उन्हें विभाग से मैसेज मिला है कि एक बार प्रायोरिटी हाउस ओल्ड का गेहूं न बांटा जाए। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने साथियों को इस बारे अवगत करवा दिया है। दुग्गल ने बताया कि विभाग ने कहा है कि चंडीगढ़ में मीटिंग है। उसके बाद ही इस बारे में अगला निर्देश दिया जाएगा। इसके साथ ही पहले- आओ ,पहले- पाओ की नीति अपनाने को कहा है। प्रदेश में सिरसा जिला के लिए प्रायोरिटी हाउस ओल्ड का केवल 2282 मीट्रिक टन गेहूं के ही आर्डर हुए। जो फतेहाबाद कुरूक्षेत्र, जींद, भिवानी, हिसार से काफी कम है। इतनी कम एलोकेशन होने के कारण विभाग को वितरण करने में दुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस योजना के तहत कार्ड में दर्ज प्रति सदस्य का 5 किलोग्राम गेहूं देनी है। जो 70 फीसदी ही कार्डधारकों के लिए ही पर्याप्त है। खाद्य आपूॢत विभाग ने डिपू धारकों को गेहूं लेने आए व्यक्ति से आधार कार्ड का नंबर लेने का भी आदेश दिया। उसके बाद यह नंबर विभाग में दर्ज किया जाएगा। वहीं इस बारे में जिला खाद्य आपूॢत विभाग के रामअवतार ने बताया कि वितरण रोकने के आदेश उनके पास नहीं आए है। हां पहले आओ-पहले पाओ की नीति जरूर अपनाई गई है। एलोकेशन कुछ कम जरूर आई है। गेहूं वितरण करने का कार्य जारी है।