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बर्खास्त जवानों ने तंवर की गाड़ी को घेरा, मुश्किल से ही निकले सांसद

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सिरसा
पूरे प्रदेश के औद्योगिक सुरक्षा बल के बर्खास्त जवानों ने शनिवार को शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर 1:13 बजे प्रदर्शनकारी जवान टाउन पार्क से नारेबाजी करते हुए डीसी ऑफिस जा रहे थे। उनको वहां डीसी को ज्ञापन सौंपना था। जवान बाल भवन के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से सांसद तंवर का काफिला आ गया। दरअसल, सांसद लक्ष्मी स्वीट्स में प्रेसवार्ता करने के बाद अपने निवास हुडा सेक्टर में जा रहे थे। प्रदर्शनकारी जवान दो कतारों में चल रहे थे मगर जैसे ही उनको तंवर के पीछे होने की भनक लगी तो जवानों ने पूरे रोड को घेर लिया। वे तंवर को रोकना चाहते थे, इस बीच सांसद की गाड़ी के आगे चल रही पाइलेट हुट्टर बजाती हुई आगे निकल गई लेकिन सांसद की गाड़ी प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंस गई। प्रदर्शनकारियों ने तंवर को देखकर जोर जोर से नारेबाजी शुरू कर दी, तो ड्राइवर ने गाड़ी को रोड से नीचे उतारकर आगे निकाल लिया।
प्रदर्शनकारी जवानों ने तंवर की गाड़ी का घेराव तो कर दिया था। उनको देखकर नारे भी लगाए मगर किसी तरह से तंवर मौके से निकल लिए। वे जवानों की बात को सुनने के लिए भी गाड़ी से नीचे भी नहीं उतरे। हालांकि उनको पूरे मामले का पता था। बरनाला रोड पर इस बात की पूरा दिन चर्चा भी रही। बता दें, कि औद्योगिक सुरक्षा बल के बर्खास्त जवानों ने सबसे पहले 8 जनवरी को तंवर के हुडा सेक्टर आवास कोठी नंबर 1 के आगे ही भूख हड़ताल शुरू की थी। जवानों का टेंट देखकर तंवर ने रात को जवानों के पास आकर कहा था कि अगर मैं आपके घर के आगे अनशन पर लोग बैठा-ऊं तो कैसा रहेगा। अगले दिन जवानों को पुलिस ने सांसद आवास के आगे बिना परमिशन अनशन करने की बात कहकर केस दर्ज करने की धमकी दी थी, बाद में जवानों ने अपना टेंट उखाड़ कर लघु सचिवालय में धरना शुरू कर दिया था। सांसद द्वारा उनकी बात ना सुनने के कारण वे रोड जाम भी कर सकते थे मगर जैसे ही ट्रेफिक जाम हुआ तो आगे निकल लिए। बाद में वे लघु सचिवालय में डीसी को ज्ञापन देने गए। शनिवार होने के कारण डीसी साहब तो नहीं मिले मगर नारेबाजी की आवाज सुनकर बीडीपीओ अनुभव मेहता मौके पर आ गए।