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आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों की याचिका हुई खारिज
भास्कर न्यूज - फतेहाबाद
टोहाना के वार्ड नंबर दस में किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों द्वारा सजा के विरुद्ध की गई अपील को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश महावीर सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दिया है। आरोपियों को इस मामले में न्यायधीश अमित शर्मा की कोर्ट से दो साल की सजा हुई थी।
यह है मामला
टोहाना पुलिस ने किशोरी के पिता की शिकायत पर वार्ड नंबर दस निवासी राजबाला, बिल्ला, विक्की उर्फ दीपक व रवि के खिलाफ किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। किशोरी के पिता का आरोप था कि उक्त आरोपियों ने प्रेम पत्र के संबंध में उसकी नाबालिग बेटी को परेशान किया था। जिसके चलते उसने 25 सितंबर 2008 को टोहाना की भाखड़ा नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में न्यायधीश एके पवार की कोर्ट ने आरोपी राजबाला व बिल्ला को तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी।
बाल सुधार गृह भेजा
जबकि विक्की व रवि के नाबालिग होने के चलते न्यायधीश अमित शर्मा की कोर्ट ने दोषियों को बाल सुधार गृह हिसार भेजा था। इस मामले में सजा के विरुद्ध दोषियों ने न्यायाधीश महावीर सिंह की कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।