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कोच की कमी है, फिर भी मैदान मारने का हौसला
भास्कर न्यूज - फतेहाबाद
जिले में खेल प्रतिभाएं तो भरी पड़ी हैं, लेकिन उन्हें तराशने के लिए कोच नहीं मिल रहे। जिसके चलते अधिकतर खेलों के खिलाड़ी अपने दमखम पर ही तैयारी कर मैदान मारने का हौसला रखते हैं। जिले में सभी खेलों के खिलाडिय़ों की संख्या अच्छी खासी है। जो कोच के अभाव में दम तोड़ रही हैं। ऐसे में खिलाडिय़ों के साथ ‘बिन हथियार, मार रै मार’ जैसी स्थिति बनी हुई है। जिले के फुटबाल खिलाड़ी कोच की कमी को दरकिनार करते हुए नेशनल लेवल तक पहुंचे हैं।
सुबर्तो मुखर्जी कप 8 बार जीता
जिले के फुटबाल खिलाडिय़ों ने स्कूली स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भागीदारी की हैं। स्कूली स्तर पर आयोजित सुबर्तो मुखर्जी कप में जिले की टीम लगातार 8 बार प्रथम रही हैं। जनवरी माह में महेंद्रगढ़ में आयोजित सीनियर स्टेट फुटबाल कप में जिले की टीम पहले स्थान पर रही। वहीं बीते वर्ष अगस्त माह में गुडग़ांव में आयोजित हुए 14 से 17 आयु वर्ग के सुबर्तो मुखर्जी फुटबाल कप में राज्य स्तर पर जिले की टीम प्रथम स्थान पर रही थी। जिले के 3 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभागी रह चुके हैं।
भूना निवासी फुटबाल खिलाड़ी सोनू चीन व स्पेन में देश की ओर से खेल चुका हैं। वहीं जसविंद्र बांग्लादेश व थाईलैंड में प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुका हैं। फिलहाल जिले में दो हॉकी कोच, दो बाक्सिंग कोच, एक एथलेटिक्स कोच, एक क्रिकेट कोच व एक फुटबाल कोच की सुविधा खिलाडिय़ों को मिल रही हैं। इसके अलावा साइकिलिंग, तैराकी, वालीबाल, टेबल टेनिस, खो-खो, कबड्डी, कुश्ती, शतरंज, लॉन टेनिस जैसे खेलों के लिए कोच अब तक जिले के खिलाडिय़ों को नहीं मिल पाए हैं।