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अनशन टूटा लेकिन आंदोलन बढ़ा

7 वर्ष पहले
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:3 दिवसीय भूख हड़ताल सोमवार को खत्म
:अब कस्बों में भी बैठेंगे भूख हड़ताल पर, राजनीतिक दल भी उतरे समर्थन में
कुरुक्षेत्र - कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रेल लाइन ना बनने को लेकर उठा मुद्दा अब गर्माने लगा है। रेल लाइन की मांग को लेकर शहर के संगठनों ने सोमवार को बेशक अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। लेकिन अब अपने आंदोलन को पटियाला से लेकर सहारनपुर तक चलाने का एलान भी कर दिया। इस एरिया में जितने भी शहर और कस्बे हैं, वहीं भूख हड़ताल और धरना दिया जाएगा। 7 फरवरी को पिहोवा में 3 दिवसीय अनशन रखा जाएगा। इसके बाद पटियाला, गुहला-चीका, पिहोवा, लाडवा, रादौर, यमुनानगर व सहारनपुर आदि जगहों पर धरना दिया जाएगा। उधर, धरने पर बैठे लोगों को विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी समर्थन देने की घोषणा की। वहीं सांसद नवीन जिंदल की तरफ से भी सहयोग देने का आश्वासन मिला है। गोरक्षा आंदोलन के संयोजक दंडी स्वामी ने सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर अनशन खुलवाया।
विभिन्न संगठन उतरे हक में : यूं तो कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रेल लाइन की मांग को लेकर सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रही है। इनेलो और हजकां-भाजपा इस मुद्दे को उठाती रही है। अब भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संस्थाएं भी उतर आई हैं।भारतीय नौजसभा के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि यह मांग अरसे से शहर कर रहा है। लेकिन किसी सरकार ने गंभीरता से इसे नहीं लिया। हजकां नेता पवन शर्मा पहलवान ने कहा कि उक्त रेल लाइन इस क्षेत्र की लाइफ लाइन साबित होगी। रेल यात्री कल्याण समिति, लोक स्वराज, हिंदू हेल्पलाइन, युवा शक्ति भारत मंच, मोहन नगर मार्केट एसोसिएशन, जय सियाराम सेवा समिति पदाधिकारियों और भाजपा नेता रामस्वरूप रामा ने कहा कि उक्त मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सांसद नवीन जिंदल के मीडिया सलाहकार कल्याण कुमार का कहना है कि सांसद जिंदल पहले से ही इस मांग को पूरा कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। धार्मिक आध्यात्मिक पर्यटन हब के रूप में इस क्षेत्र को विकसित करना उनकी सोच है।



जब तक शहर की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा

रेल लाइन के लिए रेल यात्री कल्याण समिति एवं लोक स्वराज सहित कई सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के सदस्यों ने अनशन किया। जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया। 25 जनवरी को लोक स्वराज मंच सदस्य पिपली मार्ग पर भूख हड़ताल व धरने पर बैठे थे। सोमवार को गोरक्षा आंदोलन के संचालक दंडी स्वामी ने अनशन स्थल पर पहुंचकर जूस पिला कर अनशन खत्म कराया। इसके बाद डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। धरने पर बैठे कशमीरी लाल वधवा, राज गौड़, राधे श्याम, सतीश मित्तल, रिंकू सक्सेना, सुनील, अमित सैनी, निपुण गोयल, मदन मोहन छाबड़ा आदि ने कहा कि अभी अनशन खत्म हुआ है, आंदोलन तो अब चलेगा और जब तक शहर की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

50 प्रतिशत सहयोग दे प्रदेश सरकार

लोक स्वराज के संयोजक एडवोकेट विष्णु भगवान अग्रवाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रेल लाइन को कभी रेल बजट में शामिल नहीं किया गया, जबकि पटियाला से हरिद्वार तक के लाखों लोग इस रेल लाइन का सपना देख रहे हैं। प्रदेश सरकार यदि चाहती तो यह रेलवे लाइन कभी की अस्तित्व में आ जाती। यदि प्रदेश सरकार 50 प्रतिशत राशि का सहयोग करें, तो कोई ताकत नहीं कि यह रेलवे लाइन न बिछे।

रेल दोगे तो ही वोट देंगे

रेल यात्री कल्याण समिति के प्रधान बृज मोहन गुप्ता ने कहा कि रेल लाइन का यह आंदोलन अब खत्म होने वाला नहीं है। इसे लेकर पटियाला से सहारनपुर तक हर शहर व कस्बों में वे लोग धरना देकर भूख हड़ताल करेंगे। बाकायदा प्रचार अभियान चलाएंगे। आगामी चुनावों में सिर्फ उसी पार्टी को वोट दी जाएगी, जो उनकी इस मांग को स्वीकार करेगी।



कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रेल लाइन को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे रेल यात्री कल्याण समिति के सदस्य

रेल लाइन - अब पटियाला से सहारनपुर तक चलेगा रेल लाइन का आंदोलन