शहर-गांव सब जगह ब्लैक आउट
भास्कर न्यूज - चरखी दादरी
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी द्वारा 21 से 23 जनवरी तक प्रदेश भर में घोषित हड़ताल का बुधवार को पूरा असर रहा। मंगलवार को जहां गांवों में ब्लैक आउट था वहीं बुधवार को शहर में यही हाल था। दिनभर बिजली निगम और प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला इधर से उधर दौड़ता रहा, लेकिन बिजली का फाल्टों का ढूंढऩे में कामयाब नहीं हो पाए। रात १० बजे तक पूरा शहर अंधेरे में था। लोगों को मोबाइल, इनवर्टर भी जवाब दे चुके थे। शहर में जनरेटरों की आवाज थी। लोगों जहां सरकार के खिलाफ रोष था वहीं बिजली कर्मियों के खिलाफ भी गुस्सा बढ़ता जा रहा था। अधिकारियों से जब इस बारे करने की कोशिश की तो कइयों ने तो फोन ही अटेंड नहीं किया। एक अधिकारी से बात हुए तो उसका कहना था कि जल्द ही फॉल्ट का ढूंढ लिया जाएगा।
रोडवेज के हड़ताल की समाप्ति के बाद लग रहा था कि विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली 72 घंटे की हड़ताल का आमजन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। सोमवार रात्रि ही बिजली निगम के कुछ ग्रामीण पावर हाउसों में बिजली को बंद करके पार हो गए थे। इसके चलते मंगलवार को ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पूर्ण रूप से ठप हो गई थी। वहीं, बुधवार को शहर में हड़ताल का पूरा असर देखने को मिला।
सुबह से शहर और गांवों में चल रहे ब्लैक आउट को देखते हुए दोपहर करीबन पौने दो भिवानी से बिजली निगम के महाप्रबंधक विपिन चंद्रा व उपमहाप्रबंधक नरेंद्र शर्मा दादरी पहुंचे। इस समय पूरे शहर की बत्ती गुल थी। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में लाइट में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए। उन्होंने खुद मौके पर रहते हुए शहर के कुछ इलाकों की लाइट चालू करवा दी थी। जोकि 40 मिनट के बाद फिर से कट गई। तीन दिन से लगातार बिजली गुल होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के करीब 42 जलघरों से पेयजल व्यवस्था प्रभावित रही।