बिजली नहीं आने पर भड़के ग्रामीण
भास्कर न्यूज - चरखी दादरी/बाढड़ा
विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को मोर्चा खोल दिया। क्षेत्र के कई गांवों में लोगों ने बिजली घरों और मुख्य मार्गों पर जाम लगाया। लोग बिजली की समस्या को लेकर काफी परेशान दिखे। बिजली न आने के कारण पेयजल सप्लाई भी काफी प्रभावित हुई। शहर में बुधवार सुबह कटी बिजली सप्लाई गुरुवार 11 बजे शुरू हुई।
तीन घंटे बाद एक बार फिर एक घंटे का कट लग गया। शहर वासियों की फिर से चिंता बढऩे लगी, लेकिन तीन बजे के करीबन लाइट आने से लोगों ने एक बार फिर से चैन की सांस ली। ग्रामीण क्षेत्र में भी किसी किसी गांव को छोड़कर सभी गांव में बिजली चालू कर दी गई थी।
कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल के चलते बिजली और पानी की सप्लाई तीन से चार दिनों से बंद चल रही थी। गुरुवार को लोगों का धैर्य जवाब दे गया। क्षेत्र के कई गांवों में लोगों ने जाम लगाकर मुख्य मार्गों को जाम कर दिया। प्रशासन हरकत में आया और कर्मचारियों को लगाकर बिजली का चालू करवाया। फिर भी शाम तक कई गांवों में बिजली शुरू नहीं हो पाई थी।
आश्वासन पर खुलवाया रास्ता
उधर, गांव बिलावल में भी बिंद्रावन, पिचौपा आदि चार गांव के ग्रामीणों ने दादरी-बाढड़ा मार्ग पर जाम लगाया। जाम स्थल पर बैठे लोगों ने कहा कि बिजली से सबकुछ चलता है, ऐसे में बिजली बिन सब सून है। जाम स्थल पर बैठे लोगों का भाजपा जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नृपेंद्र श्योराण मौके पर जाकर समर्थन किया तथा प्रशासन से तुरंत कर्मचारियों की बात मानकर बिजली बहाल करने की मांग की। मौके पर पहुंचे अटेला बिजली घर के अधिकारियों ने बिजली बहाली का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। देर शाम
हड़ौदी के ग्रामीणों ने भी जाम लगाकर रोष जताया लेकिन बिजली कर्मचारियों के आश्वासन पर दो घंटे में ही जाम खोल दिया गया। हड़ताल के विरोध में ग्रामीणों ने कादमा, हुई, मांढी, हड़ौदी व बिलावल में सड़क मार्ग अवरुद्ध कर बिजली बहाल करने की मांग की। पुलिस प्रशासन दिनभर जाम खोलने के लिए लगा रहा, लेकिन ग्रामीणों ने पहले बिजली बहाली की मांग की उसके बाद एकाध स्थान पर जाम खोला। बिजली की कमी से कादमा व आस-पास के लोगों ने कादमा से गुजरने वाले रास्तों को जाम कर दिया।