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गुस्साए लोगों की नजर से बचने लगे कर्मचारी
सोमेश चौधरी - चरखी दादरी
दो तीन दिन से बिजली और पानी की समस्या से से परेशान लोगों के गुस्से ने गुरुवार को बिजली कर्मचारियों को अंडर ग्राउंड होने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं बिजली अधिकारियों ने भी दैनिक वेतनभोगियों के सहारे क्षेत्र के अधिकतर फीडरों की खराबी को ठीक करा सप्लाई शुरू करवाई। लोगों के गुस्से के आगे कर्मचारियों की एक न चली।
बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू करने से पहले कुछ ऐसे हालात पैदा कर दिए थे कि अगर एक बार लाइट खराब हो जाए तो उसे जल्दी से ठीक न किया जा सके। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खराबी होने के बाद दो दिन से लाइट नहीं आ रही थी। लोग भी कुछ शांत ही थे। वो भी इसलिए कि शाम तक लाइट आ ही जाएगी। बुधवार शाम तक और रात को भी बिजली नहीं आई तो पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हुए। आमजन बिल्कुल परेशान हो चुका था। गुरुवार सुबह क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर सात जगह कई गांवों के लोगों ने एकत्र होकर जाम लगा दिए। जाम लगने की सूचना मिलने से निगम के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए और उन्होंने जैसे तैसे करके लाइट को चालू करवाया। ताकि लोगों के गुस्से का रोका जा सके।
दोपहर बाद बजी मोबाइलों की घंटी
शहर में बुधवार सुबह से बिजली गुल था। शाम होते होते लोगों के मोबाइल, इनवर्टर आदि डेड हो चुके थे। बिजली न होने के कारण लोगों टीवी या इंटरनेट पर भी शहर से बाहर की कोई सूचना नहीं ले पा रहे थे। सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई बात चल रही या नहीं। इस तरह की सभी जानकारी से शहरवासी वंचित थे। गुरुवार दोपहर 11 बजे लाइट आने के बाद लोगों ने अपने मोबाइल चार्ज किए और टीवी के माध्यम से स्थिति की जानकारी ली। बस अब तो लोगों के मुंह से एक ही बात निकल रही थी। चलो बिजली तो आ गई अब पानी भी आ जाएगा। शाम तक भी अगर बिजली रह जाती है तो इनवर्टर चार्ज हो जाएंगे और जैसे तैसे रात निकल जाएगी।