हड़ताल के बाद भी लोग बेहाल
भास्कर न्यूज - चरखी दादरी
कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो चुकी है, लेकिन शुक्रवार को भी लोग बिजली की किल्लत से जूझते नजर आए। लोग शिकायत कर रहे हैं तो अधिकारियों के फोन बजे रहे हैं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की जा रही।
पिछले दो दिन से शहरवासी पेयजल और बिजली की समस्या से काफी परेशान थे। कारण था प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा की गई 72 घंटे की हड़ताल। हड़ताल के पहले दिन तो शहर में कोई खास फर्क नहीं पड़ा, लेकिन दूसरे दिन सुबह नौ बजे लाइट गायब हुई और अगले दिन 26 घंटे बाद दिन में 11 बजे बिजली के दर्शन हुए। बिजली न होने के कारण शहर में पेयजल की सप्लाई नहीं हो सकी। गांवों में तो शहर से भी बुरा हाल हो गया था। ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाया, तब जाकर बिजली मिल पाई।
शुक्रवार को सुबह 9 बजे बिजली कट गई और फिर दोपहर 2 बजे आई वो भी काफी कम वोल्टेज की। इसके बाद तो शाम तक लगातार कट लगते रहे। इस कारण दुकानदार काफी परेशान थे। खासकर कंप्यूटर का कार्य करने वाले। बार-बार लग रहे कटों और लो-हाई वोल्टेज के कारण सिस्टम बंद हो रहे थे। सुबह से लाइट कटने से शहर के कई हिस्सों में पेयजल की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा। दोपहर बाद लाइट आने के बाद सप्लाई शुरू हो पाई।
बार-बार कट लगते रहे
शुक्रवार को सुबह 9 बजे बिजली कट गई और फिर दोपहर 2 बजे आई वो भी काफी कम वोल्टेज की। इसके बाद तो शाम तक लगातार कट लगते रहे।
फाल्ट ठीक कर रहे हैं
॥तीन दिनों से कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कुछ जगहों पर फाल्ट हुआ था। गुरुवार को शहर और गांवों की लाइट शुरू कर दी गई। अब बिजली की सभी फॉल्टों को सही तरीके से ठीक किया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में कोई दिक्कत न हो।ञ्जञ्ज
रणवीर सिंह, एक्सईएन
पुरानी लाइनें बन रही निगम के लिए आफत
शहर वासी, नरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, रोहित, योगी गौड़ ने बताया कि बार-बार लग रहे कटों का मुख्य कारण है शहर की जर्जर हो चुकी बिजली निगम की लाइनें। शहर में खंभों पर बिछाई गई लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं। बार-बार तार टूटते रहते हैं। बाकी उपकरण भी काफी पुराने हो चुके हैं। समय रहते इनकी मरम्मत नहीं की जाती। सबकुछ भगवान भरोसे चल रहा है। जबकि हर साल मेंटिनेंस पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है। ढर्रा पुराना होने के कारण लोगों को आए दिन बिजली से संबंधित परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।