मौसम की नमी पड़ रही फसलों पर भारी
जितेंद्र कलकल - चरखी दादरी
किसानों की नगदी की फसल पर मौसम की नमी का कहर दिखने लगा है। फसल में रतुआ की बीमारी आने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें छा गई हैं। किसान सूर्य देवता के दर्शनों की अरदास लगा रहे हैं।
उपमंडल के करीब 56 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल उगी हुई है। किसानों की आर्थिक स्थिति में सरसों की अहम भूमिका रहती है। गत दिनों उपमंडल के गांव गोविंदपुरा, आर्यनगर, खोरड़ा, कारीधारणी, कारीमोद, कारी रूपादास, भांडवा, सिरसली, डांडमा, द्वारका, श्यामकलां, बाढड़ा, गोपी, काकड़ोली हुकमी व लाडावास में ओलावृष्टि से सरसों में काफी नुकसान हुआ था। अब मौसम में लगातार नमी होने से भी सरसों को काफी नुकसान हो रहा है। फसल की बालियां पक रही हैं, लेकिन नमी से रतुआ की बीमारी फैलने लगी है। अभी बीमारी आंशिक रूप से है। जल्द ही सूर्य की किरण नहीं निकली तो बीमारी ओर फैलने की संभावना है। सूर्य नहीं निकलने का असर अन्य फसलों पर भी पड़ रहा है। गेहूं की बढ़ोतरी रुकी हुई है, वहीं चने के तने भी नमी की बूंदों के कारण झुक गए हैं। कृषि विकास अधिकारी डॉ. अनिल कुमार बूरा का कहना है कि मौसम में लगातार नमी होने के कारण सफेद रतुआ की संभावना है। रतुआ को रोकने के लिए किसान 0.2 प्रतिशत रिडोमिल एमजेड या मेन्कोजेब का छिड़काव करें।
30 जनवरी तक
रहेगा मौसम खुश्क
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार 30 जनवरी तक मौसम खुश्क रहेगा, लेकिन बीच बीच में आंशिक बादल और सुबह के समय हल्की धुंध संभावित है। इससे सरसों में सफेद रतुआ संभावित है।