शिमला से भी ठंडा रहा दादरी
सोमेश चौधरी - चरखी दादरी
शुक्रवार को अचानक मौसम में बदलाव आया और शनिवार रात से ही आसमान में घना कोहरा छा गया। कोहरे के साथ साथ आसमान से पानी की फुहारें गिर रही थी। दिन में 12 बजे शहर का तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं इसी समय शिमला का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर सूर्य देवता के दर्शन न होने के कारण लोगों की कंपकपी छूटती रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन चार दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। इसका कारण है पहाड़ों में बर्फीला तूफान चला है।
गुरुवार और शुक्रवार को मौसम में कुछ बदलाव आया। तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। लग रहा था कि अब ठंड में बढ़ोतरी नहीं होगी। लोगों को गर्माहट भरे दिन मिलेंगे। शुक्रवार शाम से ही अचानक मौसम में बदलाव आ गया और आसमान में कोहरा छाने लगा। हवा की गति भी तेज थी। रात होते ही आसमान में चारों तरफ कोहरे की घनी चादर छाई हुई थी। रात भर आसमान से मानों पानी की फुहारें गिर रही हों। राहगीरों ने कंबल चरूर ओढ़े हुए थे, लेकिन कंबलों को देखकर लगता था कि जैसे ये लोग बरसात में भीगे हों। दोपहर 12 बजे तक तापमान के कुछ खास बढ़ोतरी नहीं हुई। 12 बजे जहां शहर का तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बर्फीले शहर शिमला में 12 बजे तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसे देखकर लगाता है कि शनिवार का दिन शहरवासियों के लिए शिमला से कम नहीं था।
बस कमी थी तो बर्फबारी की।
ठंड का दौर अकेले शहर में नहीं था। हमारे गांवों में तो पारा माइनस के करीब पहुंचा हुआ था। शनिवार को लोग घरों से बहुत ही कम निकले।कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार वैसे तो ये पानी फसलों के लिए अच्छा है। अगर पानी लगातार काफी देर तक गिरता रहे तो फसलें गलनी
शुरू हो जाती है। पानी गिरने के बाद फसलों के लिए धूप भी जरूरी है।
॥अचानक मैदानी क्षेत्रों में आए मौसम के बदलाव का कारण पहाड़ों में तेज गति से चले बर्फीले तूफान हैं। कश्मीर में शुक्रवार को तेज गति के बर्फीले तूफान चले हैं। पहाड़ों से मैदानी क्षेत्र की ओर चलने वाली हवा के कारण मैदानी भागों में ठंड में इजाफा हुआ है। दो तीन दिन ऐसा ही मौसम रहेगा।ञ्जञ्ज डॉ. रामनिवास, मौसम वैज्ञानिक