बदहाली का शिकार गांधी नगर
भास्कर न्यूज - चरखी दादरी
शहर के गांधी नगर की आबादी लगभग 10 हजार के करीब है। मगर फिर भी नगर परिषद के अधिकारियों ने गांधी नगर की सारी गंदगी को एकत्र करने के लिए वहां सिर्फ दो ही डस्टबिन रखवाए हुए हैं। नप कर्मचारी इन दोनों डस्टबिन को भी महीनों तक खाली नहीं करते, जिससे वहां काफी ज्यादा गंदगी फैल रही है।
गांधी नगर के लोग अपने घर का सारा कूड़ा घरों के सामने सड़क किनारे ही डाल देते हैं। इस रोड से हर रोज सैंकड़ो लोग गुजरते हैं वहीं सड़क के साथ मंदिर भी है, जहां बदबू आती रहती है। गांधी नगर में मकानों के सामने सड़क किनारे दूर दूर तक कूड़ा पड़ा हुआ है। लेकिन नप अधिकारी इस कूड़े को उठाव नहीं रहे हैं। जिस कारण यह कूड़ा हवा के साथ मकानों व मंदिर में चला जाता है। मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कूड़े की बदबू का सामना करना पड़ रहा है। गांधी नगर निवासियों का कहना है कि यहां पर पड़े कूड़े की बदबू से बीमारियां फैलने का डर बना रहता है।
गांधी नगर निवासी मंदिर के पुजारी गजेंद्रा आचार्य व गौरव दीक्षित ने बताया कि मंदिर व मकानों के आगे रोड के किनारे पर काफी कूड़ा जमा हो गया है। जहां पर पूरे दिन आवारा पशु मुंह मारते रहते हैं। गंदगी के कारण यहां पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। गजेंद्रा आचार्य ने बताया कि आवारा पशु कई बार लोगों के घरों में घुस नुकसान कर देते हैं। कई बार लोगों को चोट भी मार चुके हैं। जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांधी नगर के एमसी प्रतिनिधि अनिल कुमार ने बताया कि हमने कई बार नप के अधिकारियों से यहां से गंदगी को अच्छी तरह साफ करवाने का आग्रह किया है। मगर विभाग के अधिकारियों का इस और कोई ध्यान नहीं है। नप के अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों में विभाग के प्रति रोष बना हुआ है।