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बिजली-पानी की आपूर्ति ठप, लोगों की बढ़ी परेशानी

8 वर्ष पहले
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यमुनानगर - तालमेल कमेटी के आह्वान पर हड़ताल के दूसरे दिन लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। बुधवार को बरसात ने भी हड़ताली कर्मियों का साथ दिया। जिस कारण लोगों की दिक्कतें और भी अधिक बढ़ गई। सबसे अधिक परेशानी बिजली न होने से आएगी। बत्ती गुल हुई तो उसके साथ ही पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई। ऐसे में दिनभर लोग परेशान रहे। बिजली निगम के यमुनानगर सर्कल में 333 फीडर हैं। हड़ताल की वजह से मंगलवार के बाद से ही करीब 25 से 30 फीडर बंद हो गए थे। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बुधवार की सुबह लोगों के लिए आफत लेकर आई। बरसात के साथ ही 50 से अधिक फीडर में फाल्ट आ गया। जिससे बड़े क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति भी पड़ा। जिससे लोगों की दिक्कत और भी बढ़ गई। रादौर क्षेत्र के करीब 30 फीडर आपूर्ति ठप हो गई। इसी तरह छछरौली में करीब 20, बिलासपुर में 17, मुस्तफाबाद में सात, यमुनानगर में पांच तथा जगाधरी में आठ फीडर बंद रहे।




यहां रहा ब्लैक

आउट

पानी निकासी हुई बाधित : यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर पवन कुमार बिट्टू ने बताया कि कर्मियों की हड़ताल की वजह से बहुत परेशानी उठानी पड़ी। बरसात के कारण वार्ड में कई जगह सीवरेज बंद हो गए। लोगों ने उन्हें इसकी शिकायत की, लेकिन हड़ताल की वजह से कोई कर्मी नहीं आया।

छछरौली, बिलासपुर, नारायणगढ़ डिवीजन की तीनों सब यूनिट, यमुनानगर की मुस्तफाबाद, रादौर क्षेत्र में पूरी तरह से ब्लैकआउट बंद है। इसके अलावा जगाधरी सिटी, सब-अर्बन, आईटीआई, इंडस्ट्रियल एरिया और मॉडल टाउन सब डिवीजन के 80 प्रतिशत क्षेत्र में आपूर्ति बंद है।

बिजली पानी न आने से आईटीआई क्षेत्र के लोग सड़क पर उतार आए।

कैंप निवासी बांके अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार शाम से उनके क्षेत्र की बत्ती गुल है। बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। घर में खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं है। निगम में शिकायत दी, लेकिन समाधान की बजाए हड़ताल बोल कर टरका दिया।

बिजली-पानी ने रूला दिया

व्यवस्था करनी चाहिए

जिला बार एसोसिएशन के प्रधान धूम सिंह कांबोज का कहना है कि ब्लैकआउट की स्थिति बन गई है। इससे घर में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया। प्रशासन को व्यवस्था रखनी चाहिए थी।

सारा काम प्रभावित



फतेहपुर गांव निवासी रितू कांबोज ने बताया कि घर का सारा काम प्रभावित हो रहा है। रसोई और घर का सारा काम बिजली व पानी से होता है। लेकिन न तो बिजली थी और न ही पानी है।

कोई सुनने को ही तैयार नहीं

सुढल गांव निवासी हरपाल सिंह ने बताया कि रात से बिजली गुल है। संबंधित जेई को कई बार फोन करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन ही बंद रहा। इसी तरह पावर हाउस पर फोन मिलाया, लेकिन यहां भी फोन नहीं मिला। बिजली नहीं है, इससे लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।