पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ६७ फीडर बंद, ७० हजार लोग भटकते रहे पानी के लिए

६७ फीडर बंद, ७० हजार लोग भटकते रहे पानी के लिए

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - यमुनानगर
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का तीसरा दिन सभी लोगों पर भारी पड़ा। शहर सहित गांवों में बिजली पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। यमुनानगर, जगाधरी व नारायणगढ़ के ६७ फीडर बंद रहे। लोग पानी की
एक-एक बूंद को तरसते नजर आए। कर्मचारियों की हड़ताल ने सीधे जन जीवन को प्रभावित किया।
शहर की सरोजनी कॉलोनी, आजाद नगर, चौधरी कॉलोनी, कैंप में बुधवार रात से और उपमंडल बिलासपुर में मंगलवार शाम सात बजे से गुल हुई बिजली गुरुवार दोपहर तीन बजे आई। गुस्साए लोगों ने बिलासपुर पावर हाउस पर पांच घंटे प्रदर्शन किया। लोगों की भीड़ को देख कर हड़ताल पर बैठे कर्मचारी भी मौके से फरार हो गए।
१४०९ में से १२५२ कर्मचारी हड़ताल पर : बिजली कर्मचारियों के कुल १४०९ पद हैं। इनमें १०४६ रेगुलर व ३६३ कांट्रेक्ट पर हैं। इनमें से ९१५ रेगुलर व ३३७ कांट्रेक्ट कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिले में ११केवी के ३३३ व ३३केवी के २ फीडर हैं। इनमें से गुरुवार दोपहर तक ६७ फीडर पूरी तरह से बंद रहे। जिनमें यमुनानगर डिवीजन के १४६ में से ४, जगाधरी डिवीजन के ९६ में से ३४ व नारायणगढ़ डिवीजन के ९१ में से २९ फीडर ब्रेकडाउन रहे।
बिलासपुर में २९ घंटे बाद आई बिजली : उपमंडल बिलासपुर भी बिजली की किल्लत से अछूता नहीं रहा। बिलासपुर पावर हाउस के ट्रांसफार्मर में मंगलवार शाम सात बजे खराबी आ गई थी। हड़ताल के कारण किसी भी कर्मचारी ने खराबी को ठीक नहीं किया। मजबूरन खराब पड़े हैंडपंप को ठीक करवाना पड़ा। पशु भी पानी के बिना प्यासे हैं। बिलासपुर में गुरुवार दोपहर तीन बजे बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली।




राहत देने

की कोशिश है: एसई

बिजली निगम के एसई एचपी शर्मा का कहना है कि लोगों को राहत देने की कोशिश की गई है। गुरुवार सुबह तक ६७ फीडर बंद थे जिनमें से कुछ को चालू कर दिया है। शाम तक २८ फीडर बंद थे जिन्हें चालू करने में कर्मचारी लगे हुए है।

रात से चल रहा जनरेटर: सुभाष

एमएल पब्लिक स्कूल व एमएलएन कालेज हॉस्टल सरोजनी कॉलोनी के कर्मी सुभाष चंद गोयल ने बताया कि रातभर से बिजली नहीं है। हॉस्टल व स्कूल में बिजली जरूरी है इसलिए मजबूरी में जनरेटर चलाना पड़ रहा है। सुभाष का कहना है कि जनरेटर एक घंटे में १८ लीटर डीजल खपत कर रहा है।



चारों तरफ मचा हाहाकार, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी हुए प्रभावित

रातभर बिजली नहीं आने और हड़ताल के कारण अकेले सरोजनी कॉलोनी, हनुमान मंदिर गली, कृष्णा गली, विकास नगर, चोपड़ा गार्डन के पांच नलकूप नहीं चल पाए। ऑपरेटर पवन कुमार ने बताया कि सरोजनी कॉलोनी फीडर सारी रात बंद रहा। इन पांच नलकूपों से करीब 50 हजार लोग जुड़े हुए हैं। पानी कब आएगा यह पूछने के लिए काफी लोग नलकूप पर आ रहे हैं।

लोगों को जवाब देते नहीं बना



स्कूल से लेकर जाउंगी पानी

विष्णु नगर की पूजा त्रिखा ने बताया कि रात से उनके मोहल्ले में बिजली, पानी नहीं है। कपड़े धोना तो दूर खाना बनाने में भी परेशानी हो रही है। सुबह अपने पड़ोसी के घर से तीन बाल्टी उधार लेकर आई। वह एक स्कूल में टीचर है। छुट्टी के वक्त स्कूल से पानी का कैंपर लेकर जाएंगी।

नहाने के लिए नहीं मिला पानी

राजा राम कॉलोनी निवासी दीपक ने बताया कि रातभर से बिजली नहीं आई है। अगर पहले पता होता पानी स्टोर करके रख लेते। सुबह बिजली नहीं थी इसलिए पानी भी नहीं आया। हर दिन नहाने से काम की शुरुआत होती थी लेकिन आज मुंह धोकर ही काम चलाया।