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यूनियन हुई गरम, अधिकारी पड़े नरम और धरना खत्म
भास्कर न्यूज - यमुनानगर
दो बिजली कर्मियों को पूछताछ के नाम पर घर से उठाकर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूर्व सैनिकों ने किसी पदाधिकारी का नाम भी लिया और एसडीओ ने पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। यह किसके आदेश या दबाव से हुआ, पहले यह बताया जाए। इसका जवाब एक्सईएन व एसडीओ को देना ही होगा। इन सवालों के जवाब एचएसईबी वर्कर यूनियन के स्टेट डिप्टी चीफ आर्गेनाइजर अशोक शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने यमुनानगर डिवीजन कार्यालय में कर्मियों के प्रदर्शन में एक्सईएन व मॉडल टाउन के एसडीओ से मांगें।
शर्मा ने पूछा की सरकारी कार्यालय में पूर्व सैनिकों को कैश कलेक्शन के लिए क्यों और किसके आदेश पर बिठाया गया। हड़ताल के दौरान एसडीओ ने झूठा केस दर्ज कराया है। जब एसडीओ मौके पर नहीं थे तो उनके नाम कैसे दिए। एक्सईएन व एसडीओ ने बताया कि हड़ताल में आमजन को दिक्कत न हो, इसलिए काउंटर खुलवाया गया था। इसके अलावा अधिकारियों ने अन्य प्रश्नों के जवाब भी दिए, लेकिन कर्मी संतुष्ट नहीं हुए। शर्मा ने कहा कि कर्मी ने गलत नहीं किया। हर रोज ब्रेक डाउन होते हैं, जिसे कर्मी ही ठीक करते हैं। हड़ताल के दौरान कर्मियों ने कुछ नहीं किया। जो ब्रेक डाउन हुए, वह रूटीन थे।
क्या था मामला : एचएसईबी ने 21 से 23 जनवरी तक तीन दिवसीय हड़ताल की थी। इस दौरान सरकारी काम में बाधा पहुंचने समेत अन्य धाराओं के तहत सिटी जगाधरी व यमुनानगर में पुलिस ने केस दर्ज किया था। सिटी जगाधरी में पुलिस अज्ञात थी और इस मामले में यमुनानगर डिवीजन के फोरमैन रमेश थापा व लाइनमैन प्रीत को गिरफ्तार किया था। वहीं यमुनानगर में यूनिट प्रधान मंदीप शर्मा, सचिव बलबीर बिस्ट, उपप्रधान अनिल कांबोज तथा राजेश के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसके विरोध में कर्मी तीन दिन से धरना दे रहे थे।
मुझे तो जगाधरी की जानकारी भी नहीं : इसी तरह दूसरे कर्मी फोरमैन रमेश थापा ने बताया कि देर रात उसे भी पुलिस घर से लेकर गई थी। उन पर जगाधरी में लाइन बंद करने का आरोप लगाया था। जबकि उन्हें जगाधरी क्षेत्र की कोई जानकारी भी नहीं है।
घर से
उठा ले
गई थी पुलिस
यमुनानगर निवासी लाइनमैन प्रीत ने बताया कि वह शाम को अपने घर पर थे। पुलिस आई और उन्हें पूछताछ करने के नाम पर अपने साथ ले गई। जहां से उन्हें हुडा चौकी भेज दिया गया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अगले दिन सुबह उन्हें कोर्ट में पेश किया। जबकि वह जगाधरी में गए ही नहीं थे। उन्हें ये भी नहीं पता चला कि पुलिस ने क्या किया।
एक्सईएन व एसडीओ मॉडल टाउन के खिलाफ नारेबाजी करते यूनियन सदस्य।
३ दिन से केस रद्द करने के लिए एक्सईएन व एसडीओ के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन
डीएसपी के आश्वासन पर धरना खत्म किया
तीन दिन से यमुनानगर के एक्सईएन व मॉडल टाउन के एसडीओ के खिलाफ धरने पर बैठे बिजली निगम के कर्मियों ने धरना खत्म कर दिया। डीएसपी जगाधरी राजेश कुमार ने कर्मियों के खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन खत्म करने का निर्णय लिया। शर्मा ने कहा कि कर्मियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए थे। अब वह धरना खत्म कर रहे हैं।
तीसरे दिन दोपहर तक चलता रहा प्रदर्शन
इससे पहले यूनियन की ओर से यमुनानगर डिवीजन पर सुबह से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने यहां पर एक्सईएन व एसडीओ के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर सवा 12 बजे डीएसपी जगाधरी पहुंचे। उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों व निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएसपी जगाधरी ने प्रदर्शनकारियों को आवासन दिया कि मुकदमे को रद्द कर दिया जाएगा।