- Hindi News
- तहसील परिसर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोग बेहाल
तहसील परिसर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोग बेहाल
भास्कर न्यूज - बिलासपुर
तहसील परिसर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। तहसील परिसर में ही न्यायालय होने से यहां दिन भर सैकड़ों लोगों का आना जाना रहता है। इसी परिसर में सरकारी खजाना कार्यालय भी स्थित है। तहसील परिसर में पार्क आप की कार या बाइक के बाहर निकलने की गारंटी नहीं है। यहां कारें व बाइक इस तरह से खड़ी रहती है कि जब तक पिछली गाड़ी नहीं हटेगी आप की कार बाहर नहीं निकल सकती। भले ही तहसील में पांच मिनट के लिए गए हो। लेकिन बाहर निकलने के लिए आपको घंटों इंतजार करना पड़ सकता है। इसका कारण यह है कि यहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां तक कि तहसीलदार व जज की गाड़ी के आगे पीछे भी लोग अपनी बाइक व कार पार्क कर चले जाते है। ऐसे में यदि किसी को बाहर जाना हो तो दूसरी गाड़ी के मालिक को तलाशते रहिए। ऐसा नहीं है कि इस समस्या से केवल बाहर से आने वाले लोग हो रहे है, वकील व तहसील कार्यालय के तमाम अधिकारी व कर्मचारी परेशान है। कोर्ट में तीन जज विभिन्न केसों की सुनवाई करते हैं।
तहसील में जमीन के कागजात तैयार करवाने के लिए आए बलकार सिंह, गुरपाल सिंह, बलबीर सिंह, राजकुमार व गुरनाम सिंह ने बताया कि तहसील कार्यालय में अन्य सुविधाओं के अलावा पार्किंग की सबसे बड़ी कमी है। इतना समय काम करवाने में नहीं लगता जितना समय वाहन को बाहर निकालने में लगता है। उनका कहना है कि पार्किंग का कोई नियम कायदा नहीं है। जो भी जहां चाहे अपना वाहन पार्क कर दफ्तरों में घुस जाता है। जिससे आने वालों की घंटों गाडिय़ां फंसी रहती हैं।
सड़क किनारे लगे रहते हैं वाहन : रणजीतपुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित तहसील परिसर में पार्किग की जगह न होने से यहां आने वाले लोग अपने वाहन सड़क किनारे पार्क करने के लिए मजबूर है। जिससे एक तो सड़क पर हादसे की संभावना बनी रहती दूसरे गाडिय़ों के चोरी होने का भय बना रहता है।
लोगों का कहना है कि तीन साल से यहां कोर्ट व तहसील एक ही परिसर मे चल रहे हैं। लेकिन आज तक पार्किंग की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। एडवोकेट सुखबीर सिंह, अरविन कुमार व एडवोकेट गौरव धीमान का कहना है कि यहां हर रोज सैकड़ों वकीलों व हजारों क्लाइंट्स का आना जाना है। अधिकतर लोग निजी वाहनों से आते है। ऐसे में पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण सभी के लिए परेशानी बनी हुई है। कभी कभी तो अधिकारियों को भी गाड़ी बाहर खड़ी पैदल दफ्तर जाना पड़ता है।