- Hindi News
- सब तहसील में जरूरी रिकार्ड व जमीन के दस्तावेज बरामदे में
सब तहसील में जरूरी रिकार्ड व जमीन के दस्तावेज बरामदे में
भास्कर न्यूज - यमुनानगर /बिलासपुर
कस्बे को उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद यहां स्थित सब तहसील को भी तहसील का दर्जा मिल गया, लेकिन पूरा भवन न होने से तहसील का जरूरी रिकार्ड व जमीन दस्तावेज बरामदे में ही पड़े हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा राम भरोसे ही है। भवन की कमी का असर तहसीलदार व नायब तहसीलदार भी झेल रहे हैं। दोनों एक ही मेज पर बैठ कर कार्य कर रहे हैं।
यहां तक कि केसों की सुनवाई इसी मेज पर की जाती है। यहां कार्य कर रहे क्लर्कों के कार्यालय स्टोर रूम बने हुए हैं। तहसील में भवन की कमी के चलते तहसीलदार व नायब तहसीलदार एक ही कमरे में बैठने को मजबूर हैं। जिसके चलते दोनों को एक ही मेज मिला है। यहां फर्नीचर की नहीं कमरों की कमी है। ऐसी ही हालत यहां के रजिस्ट्रेशन क्लर्क के कमरे की बनी हुई है। जहां सबसे अधिक लोगों का आना जाना है। इस कमरे के हर कोने में कीमती रिकार्ड भरा पड़ा है।
यहां तक कि फाइलें रखने के लिए अलमारी भी नहीं है। इस कार्यालय की खिड़की भी फाइलों से अटी पड़ी है। जिस कारण यहां आने वाले लोग विंडो से भी क्लर्क से बात चीत नहीं कर सकते। रजिस्ट्रेशन क्लर्क की हालत ऐसी है कि वह दाएं से बाएं भी नहीं हिल सकता।
इसी कमरे में तीस साल पुराना सरकारी रिकार्ड भर पड़ा है। जिसकी सुरक्षा भी राम भरोसे है।
तीन कमरों में चल रही तहसील
कहने को तो यह भवन तहसील का है, लेकिन पूरी तहसील केवल चार कमरों में ही सिमटी हुई है। एक कमरे में रजिस्ट्रेशन क्लर्क व रीडर, दूसरे कमरे में तहसीलदार व नायब तहसीलदार, तीसरे कमरे में कानूनगो व चौथे कमरे में तहसील रेवन्यू अकाउंटेंट टीआरए बैठते हैं। कर्मचारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जब से तहसील परिसर में सब डिवीजनल कोर्ट शिफ्ट हुई है तब से तहसील में दिक्कतें ही दिक्कते पैदा हो गई है। रजिस्ट्रेशन क्लर्क का रिकार्ड रूम भी कोर्ट को दे दिया गया है। इसके अलावा दूसरे भवन में भी कोर्ट के कार्यालय चल रहे हैं।
परिसर में भवन की कमी
है : तहसीलदार
तहसील परिसर में भवन की कमी को बिलासपुर तहसीलदार ईश्वर सिंह ने भी स्वीकारा है। उन्होंने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर तहसील व कोर्ट के कार्यालय स्थित है। प्रथम तल पर कोर्ट के कार्यालय स्थित है। उनका कहना है कि तहसील में भवन की कमी बारे हर माह उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाता है। भवन की कमी के कारण ही तहसील रिकार्ड बरामदे में रखा है। नया भवन बनने पर रिकार्ड को उठा लिया जाएगा।
पुराना रिकार्ड खतरे में
बिलासपुर में 1983 में सब तहसील असतित्व में आई थी। जब से लेकर आज तक पूरा जमीन रिकार्ड रजिस्ट्रेशन क्लर्क के कमरे में पटका हुआ है। इन जरूरी कागजातों की कोई सुरक्षा नहीं है। पूरे रिकार्ड को रखने के लिए जगह भी नहीं है। रजिस्ट्रेशन से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि हर महीने 20-25 नई फाइलें कमरे में बढ़ जाती है। ऐसे हालात पैदा होने वाले है जिससे एक-दो महीने बाद यहां से आरसी को अपनी कुर्सी भी हटानी पड़ सकती है। इसके अलावा पटवारखाने से जुड़ा काफी रिकार्ड तो बरामदे में ही रखा है।
> तहसीलदार व नायब तहसीलदार एक ही मेज पर कर रहे कार्य
> जमीन के रिकार्ड की कोई सुरक्षा नहीं