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पुलिस के लिए अनसुलझी पहेली बनीं सात निर्मम हत्याएं

8 वर्ष पहले
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पानीपत.पिछले दिनों जिले में हत्यारों ने कई लोगों की जान ले ली। विडंबना है कि आज तक पुलिस इन हत्याकांडों के किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं पाई है। कुछ मामले तो पुलिस कि लिए अनसुलझी पहेली की तरह बने हुए हैं, इससे लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि इन मामलों में पुलिस की जांच अभी भी जारी है।

छठा हत्याकांड इसराना के नौल्था गांव का है। गत शनिवार को फैक्ट्री में काम करने के लिए निकले अमित का शव अगले दिन एक खाली प्लॉट में मिला था। अमित हत्याकांड भी अभी तक अनसुलझी पहेली बना हुआ है।

पांचवां मामला मतलौडा का है। नवंबर माह में एक महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई। शव नाले के किनारे मिला था। महिला के हत्यारों का आज तक कुछ पता नहीं चला। पुलिस की जांच अभी भी चल रही है।

चौथा मामला शिमला मौलाना गांव का है। गत रविवार को गांव से 50 मीटर की दूरी पर उपले बना रही दर्शना की दिन दहाड़े पेंचकस से गोदकर हत्या कर दी गई। हत्यारा पुलिस पकड़ से बाहर है और आज तक हत्या के कारणों तक का कोई पता नहीं चल सका है।

थर्मल क्षेत्र में चार दिन पहले एक महिला की पेंचकस से गोदकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव थर्मल के पास झाडिय़ों में फेंक दिया गया था। पुलिस ने 3 दिन बाद पोस्टमार्टम करा शव को शवगृह में रखवाया गया है, लेकिन न तो अभी तक महिला की शिनाख्त हुई और न ही महिला के हत्यारों का कोई सुराग लगा पाया है। पुलिस की अभी भी जांच जारी है।

दूसरा मामला अशोक विहार कॉलोनी का है। 13 नवंबर को गायब हुई दो सगी बहनें मानसी व खुशबू के शव ड्रेन-1 में 19 नवंबर को चंदोली पुल के पास मिले थे। एक बच्ची का केवल सिर मिला था, जबकि धड़ को पुलिस आज तक तलाश नहीं कर सकी। इस बारे में पुलिस ने बच्चियों के पिता से शक के आधार पर पूछताछ की थी। इसके बावजूद दो माह बाद भी बच्चियों के हत्यारों का कोई सुराग नहीं है।

पहला मामला नूरवाला में हरिसिंह कॉलोनी का है। 8 जुलाई को तालाब में एक महिला का शव बोरे में मिला था। महिला के हाथ-पैर बंधे हुए थे। वहीं, महिला के हाथ पर उसका नाम भी गुदा था, लेकिन पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे से कोसों दूर है। आज तक हत्यारों का कोई भी सुराग नहीं लगा सकी है। इससे लोगों में दहशत का माहौल बना है।