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ओपीडी में १ डॉक्टर, बिना इलाज लौटे ५०० मरीज

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - पानीपत
सामान्य अस्पताल की ओपीडी में तैनात डॉक्टरों के स्वास्थ्य विभाग के प्रोग्राम में और एक डॉक्टर के कोर्ट एविडेंस में जाने से बुधवार को ओपीडी में केवल एक डॉक्टर ने ही मरीजों की जांच की। मंगलवार को भी ओपीडी में केवल दो डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया था। ओपीडी में एक ही डॉक्टर के होने से कुछ ही मरीजों का इलाज हो सका, जबकि 500 से ज्यादा मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा।
सामान्य अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब एक हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां तैनात 10 डॉक्टरों के भरोसे सबका इलाज होता है। लेकिन बुधवार को ओपीडी के कमरा नंबर-१६ में केवल डॉ. श्याम लाल ही मरीजों का इलाज कर रहे थे। इससे यहां इलाज कराने आए मरीज परेशान होकर एमरजेंसी की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन वहां भी केवल एक डॉ. प्रीति ही मरीजों का इलाज कर रहीं थीं। इससे यहां भी मरीजों की भारी भीड़ बनी हुई थी। मरीजों में इलाज कराने की भी होड़ लगी रही। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजो में अफरातफरी का माहौल बना रहा। ऐसे में कुछ ही मरीजों का इलाज हो सका, जबकि करीब ५०० मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही
जिला स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की कमी को बखूबी जानता है। बावजूद इसके सरकारी आयोजनों में डॉक्टरों को भेजा जाता रहता है, जिससे यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओपीडी में 10 डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं। डॉक्टरों की कमी होने के बाद भी इनमें से चार डॉक्टर बुधवार को जीटी रोड स्थित एक निजी होटल में क्वालिटी इंश्योरेंस की बैठक में शामिल होने चले गए थे।
इसके अलावा एक फरवरी तक सरकारी स्कूल में जाकर विद्यार्थियों के मानसिक, आंखों, हड्डी, नाक, कान, गला, चश्मा टेस्ट और अन्य तरह के रोगों की जांच करनी है। इसके लिए सरकारी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए चार डॉक्टर चले गए। बाकी बचे दो में से एक डॉक्टर कोर्ट एविडेंस में गए थे।



मरीज बोले- हमारी क्या गलती, अस्पताल प्रशासन को करना चाहिए परेशानी का समाधान

डॉक्टरों की है भारी कमी

॥डॉक्टरों की कमी के कारण यह सारी दिक्कत हो रही है। परेशानी उन्हें उठानी पड़ती है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का भी ध्यान रखना है और मरीजों का भी ध्यान रखना। इस समय डॉक्टर दूसरे प्रोग्रामों में व्यस्त हैं, इसलिए मरीजों को दिक्कत हो रही है।

- भूपेश चौधरी, एमएस, सामान्य अस्पताल

॥मैं अपने बेटे के बुखार का इलाज कराने सामान्य अस्पताल आई थी। मंगलवार को भी भारी भीड़ होने के कारण इलाज कराए बिना वापस लौट गई थी। बेटे का बुखार नहीं उतर रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज बहुत महंगा होता है, इसलिए यहां आते हैं। मगर यहां लापरवाही के कारण इलाज नहीं हो पाता।

- नीलम, मरीज

॥गले संबंधी बीमारी होने के कारण मैं सामान्य अस्पताल के ईएसआई में भर्ती था। वहां से ओपीडी में रेफर कर दिया गया, लेकिन यहां डॉक्टर न होने के कारण इलाज नहीं हो सका। ओपीडी में आई मरीजों की भीड़ इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकती रही। ज्यादा संख्या में मरीज बिना इलाज कराए ही लौट गए।

- ओमप्रकाश, उंझा गांव

॥पेट संबंधी बीमारी का इलाज कराने के लिए सामान्य अस्पताल आई थी। डॉक्टर न होने की वजह से भटकना पड़ा। अस्पताल की ओपीडी से एमरजेंसी तक भटकते रहे, मगर मरीजों की भारी भीड़ होने के कारण इलाज नहीं हो सका। पूरी ओपीडी में केवल एक ही डॉक्टर बैठे थे।

- सीमा, डाबर कॉलोनी

॥अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। पिछले दो दिनों से अस्पताल का यही हाल है। प्रशासन केवल औपचारिकता निभाता है। अगर अस्पताल में डॉक्टर ही न हो तो अस्पताल का क्या मतलब। अक्सर डॉक्टर न होने की समस्या झेलनी पड़ती है। इसकी ओर जल्द ही ध्यान देना चाहिए।

- कृष्ण कुमार, सोंधापुर