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किसानों को फसल के पूरे दाम दिलाने के लिए प्रदर्शन
पानीपत - स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करवाने की मांग को लेकर भाजपा किसान मोर्चा ने गुरुवार को प्रदेशभर में धरने दिए। भाजपाइयों ने मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में रोहतक और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रामबिलास शर्मा की अगुवाई में पानीपत में प्रदर्शन किया। धनखड़ ने कहा कि यदि सरकार ने रिपोर्ट लागू की होती तो किसानों को गेहूं के 2100 रुपए, धान के 2025 रुपए तथा गन्ने के 375 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलते। आयोग ने 50 प्रतिशत लाभांश की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने उसे लागू नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में इन मांगों को सरकार ने पूरा नहीं किया तो भाजपा 7 फरवरी को देशभर में किसान आक्रोश दिवस मनाएगी और रेल रोकेगी।
लाडवा में भी हंगामा
लाडवा में गुरुवार को कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट के लिए रायशुमारी बैठक में भी हंगामा हो गया। जब वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हुई तो कई भाजपा कार्यकर्ता बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वोटिंग के बैलेट पेपर का आवंटन भेदभाव से किया गया। कई कार्यकर्ताओं को बैलेट पेपर ही नहीं दिए गए। पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित श्याम सिंह राणा, डॉ. पवन सैनी व धर्मवीर डागर ने किसी भी प्रकार की धांधली होने की बात को नकारा।
इसलिए मुद्दा बनी अम्बाला सीट
यहां से दो बार सांसद रहीं कांग्रेस की कुमारी सैलजा राज्यसभा में जा रही हैं।अब भाजपा के नेता यह मान कर चल रहे हैं कि इस सीट पर जीतना आसान है। टिकट चाहने वाले भाजपा नेता खुद को ज्यादा लोकप्रिय दिखाने के लिए ऐसी कोशिश कर रहे हैं। यह सीट भाजपा या कांग्रेस के ही खाते में आती रही है।
अम्बाला से टिकट का दावा कर रहे सत्यव्रत भौंसले ने लिखा नेताओं को पत्र
पार्टी के रायशुमारी अभियान पर भाजपाइयों ने ही उठाया सवाल
भास्कर न्यूज - चंडीगढ़
लोकसभा प्रत्याशी तय करने के लिए चल रहे भाजपा के रायशुमारी अभियान पर भाजपाइयों ने ही सवाल उठा दिया है। अम्बाला सीट से टिकट का दावा कर रहे भाजपा एससी मोर्चा के राष्ट्रीय सदस्य सत्यव्रत भौंसले ने प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि अम्बाला में रायशुमारी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है। यहां टिकट दावेदारों में पूर्व सांसद रतन लाल कटारिया समेत 10 नेता हैं।
सत्यव्रत का आरोप है कि इस रायशुमारी में कुछ नेताओं को ही प्रमोट किया जा रहा है। यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि वही नेता कार्यकर्ताओं में सबसे अधिक लोकप्रिय है। इसके लिए फर्जी पर्चियां भी बांटी जा रही हैं। जब कुछ कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया तो आपस में मारपीट भी हुई। 28 जनवरी को साहा मंडल में इसी मसले पर कार्यकर्ता भिड़ गए थे।
ऐसे ली जा रही है राय : बैठक में आए कार्यकर्ताओं को एक पर्ची देकर इस पर कम से कम दो नाम और ज्यादा से ज्यादा तीन नाम लिखने को कहा जाता है। यदि किसी कार्यकर्ता ने एक ही नाम दिया तो वह पर्ची रद्द मानी जाती है।
हमें जानकारी नहीं : पार्टी के प्रवक्ता वीर कुमार यादव ने बताया कि यह मामला उनके नोटिस में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक पत्र न मिल जाए इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।