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वीसी पुलिस बुला लेगा...यो धरना न्यू ए चालैगा...

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रोहतक
वीसी पुलिस बुला लेगा...यो धरना न्यू ए चालैगा... नारे लगाते हुए इंटर्न डाक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हेल्थ विवि में वीसी कार्यालय घेर लिया। ३ घंटे तक इंटर्न डाक्टरों ने कुलपति कार्यालय के मुख्य गेट और साइड गेट को बैरिकेड्स लगाकर बंद किए रखा। वहीं, इंटर्न डाक्टरों के हड़ताल पर जाते ही पीजीआई में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हड़ताल पर गए डॉक्टर भी निदेशक, मेडिकल एवं रिसर्च शिक्षा विभाग के आश्वासन के बाद ही शांत हुए।
पिछले कई सालों से इंटर्न डाक्टरों को मिलने वाले स्टाइपेंड को बढ़ाने की एमबीबीएस फाइनल करने वाले डॉक्टर लगातार मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें 7800 रुपए ही अदा किए जा रहे हैं, इसे १२८०० किया जाना चाहिए। शुक्रवार को सुबह ही विजय पार्क में एकत्र होना शुरू हो गए। प्रदर्शन में हाल में ही इंटर्न बने एमबीबीएस व बीडीएस के डाक्टर शामिल रहे। करीब 12 बजे सभी इंटर्न जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कुलपति डा.एसएस सांगवान के कार्यालय पर पहुंचे और उन्होंने कुलपति से मिलने की बात कही, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने डाक्टरों को भीतर नहीं जाने दिया। इस पर इंटर्न डाक्टरों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने कुलपति कार्यालय के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर पीजीआई सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस को देखते ही डाक्टरों का गुस्सा और अधिक बढ़ गया और वे गेट पर ही बैठ गए। पुलिस कर्मियों को देखते ही डाक्टरों ने हाल ही में प्रचलित गाने ‘ आंटी पुलिस बुला लेगी’ की तर्ज पर नारेबाजी करते हुए ‘वीसी पुलिस बुला लेगा... पर धरना न्यू ए चालैगा’ की नारेबाजी भी शुरू कर दी।
28 फरवरी तक का आश्वासन
मामला काफी बिगड़ता देख निदेशक डा.चांद सिंह ढुल, डीन डा.वीके जैन और डेंटल कालेज के प्राचार्य डा.संजय तिवारी मुख्य गेट पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। निदेशक डा.ढुल ने उन्हें बताया कि मामला सरकार के पास भेजा हुआ है और अब फाइनेंस विभाग में पहुंच गया है।
इस पर डाक्टर शांत नहीं हुए तो उन्होंने दस डाक्टरों के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात मेडिकल रिसर्च एवं एजुकेशन विभाग के निदेशक से कुलपति डा.एसएस सांगवान के समक्ष कराई। उन्होंने इंटर्न डाक्टरों को आश्वासन दिया कि 28 फरवरी तक उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। इस पर डाक्टरों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।