प्रदेश की पहली जीओ लैब रोहतक में आज से
विजेंद्र कौशिक - रोहतक
गणतंत्र दिवस पर नगर निगम को प्रदेश में पहली जीओ ((भू सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र)) लैब मिलेगी, जहां न केवल निगम के हर कार्य का कंप्यूटराइज डाटा स्टोर किया जाएगा, बल्कि हर घर का रिकार्ड व मैप ऑनलाइन लैब में दर्ज होगा। रविवार को खुद डीसी एवं निगम आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल इसका उद्घाटन करेंगे। 30 लाख की आई लागत, नगर सुधार मंडल के भवन में लैब तैयार
निगम प्रशासन की ओर से नगर सुधार मंडल के पुराने कार्यालय में 30 लाख रुपए की लागत से जीओ लैब तैयार की गई है। इसके संचालन के लिए फिलहाल हिसार की एक कंपनी से कांट्रेक्ट किया गया है, जो एक साल तक न केवल पूरा सिस्टम तैयार करेगी, बल्कि संचालन भी करेगी। इसके अलावा कंपनी, निगम के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देगी।
ये होगा फायदा
लैब बनने से निगम के हर कार्य का रिकार्ड, यहां तक कि 5 से 10 साल पुराने प्रोजेक्ट का डाटा भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। फिलहाल निगम ठेकेदार या निजी एजेंसी ने विकास कार्य करवाता है। ऐसे में प्रोजेक्ट से जुड़ा पूरा डाटा निजी एजेंसी के पास रहता है। कांट्रेक्ट रद्द होने की स्थिति में एजेंसी डाटा देने से मना भी कर सकती है। दूसरा, एनओसी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कमर्शियल एरिया, प्रॉपर्टी टैक्स, निगम की जमीन का रिकार्ड भी लैब में उपलब्ध हो जाएगा।
लैब में होगा हर घर का बायोडाटा
जीओ लैब के अंदर निगम क्षेत्र के हर घर का बायोडाटा रखा जाएगा। कौन सा मकान कहां है, उसका मालिक कौन है और परिवार में कितने सदस्य हैं। साथ में मकान का बिजली व पानी कनेक्शन किसके नाम है। एरिया वैध है या अवैध। हर सूचना लैब के अंदर मौजूद होगी।
॥प्रदेश में किसी भी नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका के पास इस तरह की जीओ लैब नहीं है। यहां तक कि गुडग़ांव व फरीदाबाद निगम में भी प्रोजेक्ट से जुड़ा डाटा निजी एजेंसियों के पास है। प्रदेश में इस तरह की पहली लैब रोहतक नगर निगम के पास होगी।
डॉ. अमित अग्रवाल, डीसी एवं निगम आयुक्त।
शहर के हर हिस्से को जोड़ा जाएगा लैब से, 30 लाख का प्रोजेक्ट तैयार