शमशेर ने बिगाड़ा इनेलो नेताओं का गणित
विजेंद्र कौशिक - रोहतक
शमशेर खरकड़ा के इनेलो में शामिल होने से पार्टी के कई नेताओं का गणित बिगड़ गया है। हालांकि खरकड़ा रोहतक लोकसभा सीट से इनेलो प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडऩा चाहते हैं, लेकिन उनके इस कदम से कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
खरकड़ा 1982 से महम हलके की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। 1982 व 1987 में ताऊ देवीलाल की जीत हो या बाली पहलवान का विधायक बनना। उस समय शमशेर पार्टी के साथ रहे। बीच में चौबीसी की राजनीति से दूर चले गए, लेकिन पिछला विधानसभा चुनाव खरकड़ा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा और 37 हजार वोट हासिल की। हार के बावजूद वे चौबीसी के 42 गांवों में सक्रिय रहे हैं। हालांकि बीच में कांग्रेस के बागी सांसद राव इंद्रजीत के इंसाफ मंच से जुडऩे की संभावना बनी, फिर नरेंद्र मोदी का करिश्मा मानकर भाजपा में जाने की बात कही जाने लगी, लेकिन किसी को भी अंदेशा नहीं था कि खरकड़ा इनेलो का दामन थामेंगे। खरकड़ा के कदम से न केवल चौबीसी की सियासी पंडित, बल्कि जिले के राजनीतिक विशेषज्ञ तक चौंक गए हैं। गणतंत्र दिवस पर चौबीसी के चबूतरे हुए कार्यक्रम में पहुंचकर अभय चौटाला ने विधिवत तौर पर शमशेर खरकड़ा को इनेलो में शामिल किया। खरकड़ा में भी पार्टी का हर कदम पर साथ देने का वादा किया। हालांकि अभय के सामने खरकड़ा के समर्थकों ने चिल्लाकर कहा कि इनेलो अभी उन्हें पार्टी प्रत्याशी घोषित करें, लेकिन अभय ने पार्टी में सलाह मशविरा कर टिकट देने की बात कही।
टिकट पक्की मानकर चल रहे नेता बेचैन
महम इनेलो का गढ़ रहा है। ताऊ देवीलाल से लेकर बाली पहलवान तक विधायक बन चुके हैं, लेकिन लगातार दो विधानसभा चुनावों से कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी जीत हासिल करते आ रहे हैं। हालांकि 2004 की अपेक्षा 2009 में जीत का अंतर कम रहा है। 2014 के विधानसभा चुनाव में महम से इनेलो के कई नेता टिकट पक्की मानकर जनसंपर्क अभियान छेड़े हुए हैं, लेकिन अब खरकड़ा के पार्टी में आने से समीकरण बिगडऩे तय हैं।
भास्कर: अचानक इनेलो में शामिल होने का फैसला कैसे लिया?
खरकड़ा: अचानक नहीं, चौबीसी की जनता के कहने पर यह कदम उठाया।
भास्कर: इनेलो को ही क्यों चुना?
खरकड़ा: वे भाजपा के भी संपर्क में रहे। चौबीसी की महापंचायत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा को भी आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं आए। अभय चौटाला ने आकर उन्हें गले से लगा लिया। अब पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे।
भास्कर: महम से इनेलो की टिकट के दावेदारों में बेचैनी बढ़ी है?
खरकड़ा : सभी से बात हो गई है, ऐसा कुछ नहीं। मिलकर कांग्रेस से लड़ेंगे।
भास्कर : क्या अभय चौटाला से टिकट की बातचीत हुई है?
खरकड़ा : पार्टी ने चाहा तो वे रोहतक लोकसभा से चुनाव लडऩे के लिए तैयार हैं। महम से विधानसभा चुनाव की बात समय पर छोड़ दीजिए।
शमशेर खरकड़ा
सीधी बात