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बंधक बनाने के आरोप में वैश्य संस्था के पूर्व प्रधान और उनके भाई सहित 8 लोग दोषी करार

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रोहतक
सवा नौ साल पहले के मामले में सीजेएम अश्विनी कुमार की कोर्ट ने वैश्य एजुकेशन सोसायटी के पूर्व प्रधान रामभरोसे गोयल और उनके भाई राम देवा ((वैश्य गौशाला के पूर्व प्रधान))सहित 8 लोगों को दोषी करार दिया है। बंधक बनाने, गैर कानूनी गिरोह बनाकर नुकसान करने और चोट पहुंचाने के मामले में जुर्माना और सजा सुनाने के लिए 3 फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है।
वैश्य व्यायामशाला के पास स्थित प्लॉट नंबर 339/35 को लेकर रामदेवा और जनता कालोनी निवासी बनारसी दास के बीच विवाद का मामला कोर्ट में चल रहा था। बनारसी दास का आरोप है कि 25 सितंबर 2004 को रामदेवा ने अपने भाई-बेटों व अन्य लोगों के साथ उसके प्लाट पर कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर मकान में तोडफ़ोड़ करते हुए मारपीट कर उसे बंधक बना लिया। मामले में सीआरपीसी की धारा 156((3)) के कोर्ट से हुए आदेश के तहत पुलिस ने रामभरोसे गोयल और रामदेवा सहित दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और जांच में मामला निरस्त कर दिया। बनारसी दास ने कोर्ट में कंप्लेंट केस डाला कि पुलिस ने उक्त मामले में कार्रवाई न कर मनमानी रिपोर्ट लगा दी। मुकदमे के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई। सीजेएम कोर्ट ने 1 नवंबर 2013 को शेष 8 आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट लगा दी।
३ फरवरी को सुनाई जाएगी सजा
वादी पक्ष के अधिवक्ता राज सिंह ग्रेवाल ने बताया कि कोर्ट ने रामदेवा, उसके भाई राम भरोसे गोयल, पुत्र संजय, अजय, विनोद, अनाज मंडी निवासी सत नारायण, ओमप्रकाश व ट्रैक्टर चालक मोहनलाल को आईपीसी की धारा 323, 342, 427, 149 के तहत दोषी करार दिया है। सजा ३ को सुनाई जाएगी।