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अल्ट्रासाउंड न होने पर मरीज बिफरे, हंगामा
भास्कर न्यूज - रोहतक
शहर के सिविल अस्पताल में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी अल्ट्रासाउंड न होने पर बुधवार को मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं के हंगामा करने के बाद हरकत में आए चिकित्सकों ने किसी तरह समझाबुझा कर उन्हें शांत किया और बाकायदा निर्धारित तिथि दी गई।
एक सप्ताह से लगा
रहे चक्कर
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आई महिलाओं व उनके तीमारदारों ने आरोप लगाए कि अस्पताल में एक अल्ट्रासाउंड मशीन है और एक ही चिकित्सक है। सुरेंद्र शर्मा, सुनीता, सुमन, पूजा, शिवकुमार और आस्मिन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से लगातार अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चक्कर पर चक्कर काट रहे हैं।
कई बार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए न तो समय मिलता है और न ही अगली तारीख। वे पिछले एक सप्ताह में करीब 4 बार चक्कर काट चुके हैं। सुबह आते ही उन्हें कह दिया जाता है कि केवल 50 मरीजों का अल्ट्रासाउंड होगा। इतना ही नहीं अस्पताल कर्मियों की साठगांठ से परिचितों का नंबर के बिना ही अल्ट्रासाउंड कर दिया जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रोजाना होते हैं 60 अल्ट्रासाउंड, मरीज होते
हैं 150
अस्पताल में रोजाना औसतन 125 से 150 मरीज अल्ट्रासाउंड केंद्र में पहुंचते हैं। इनमें से मात्र 60 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। बाकी मरीजों को अगले दिन आने का कह दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को बार बार चक्कर काटने पड़ते हैं।
अल्ट्रासाउंड के लिए शुरू किया जाएगा टोकन सिस्टम
हंगामा करने के बाद अब अल्ट्रासाउंड के मरीजों को बार-बार चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए टोकन सिस्टम प्रणाली शुरू की जाएगी। सुबह के समय ही जितने मरीजों के अल्ट्रासाउंड हो पाएंगे उन्हें टोकन दे दिए जाएंगे। बाकी मरीजों को अगले दिन की तारीख के लिए रजिस्टर्ड कर दिया जाएगा।- डा.शैलेंद्र डोगरा, रेडियोलॉजिस्ट, सिविल अस्पताल, रोहतक।