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कोई न जान पाए अस्पताल में पड़ा आदमी कौन...

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रोहतक
किसी को पता न लगे कि अस्पताल में पड़ा आदमी कौन है... जरा भी शक हुआ तो सारा खेल बिगड़ जाएगा... बड़े ही सोच समझकर कदम बढ़ाना है...। एक महिला ने ये लाइनें कही तो सन्नाटा पसर गया। कब तक कैद रहूं नरक में... मच्छर चूहे काटते हैं... चारों तरफ गंदगी, अंधेरा भी बहुत है वहां, अब ज्यादा नहीं सह सकता, मैं भी आजाद होना चाहता हूं, दोबारा वहां नहीं जाऊंगा...। एक आदमी ने कड़क आवाज में ये पंक्तियां कहीं तो माहौल में और गंभीरता आ गई। इसी बीच खिड़की बने एक युवक ने दया अपनी ही आवाज में दया रे दया... कहा तो माहौल की सारी गंभीरता ठहाकों में बदल गई।
बुधवार रात 8 बजे सेक्टर-6 स्थित एफटीआई का स्टेज पर ‘कॉमेडी ऑफ टेरर्स’ का मंचन। कार्यक्रम में मटरू की बिजली का मंडोला व कई सीरियलों के बॉलीवुड अदाकार सुनील चिटकारा और उनकी टीम ने देररात तक लोगों को हंसाया। रंजीत कपूर और पीयूष मिश्रा ने इटालियन लेखक के नाटक को हिन्दी में रूपांतरित किया, जबकि भिवानी के रंगकर्मी सुनील चिटकारा ने ‘कॉमेडी ऑफ टेरर्स’ को अपने ढंग से निर्देशित किया। नाटक की कहानी कंपनी में काम करने वाले एक श्रमिक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मालिक के बिछाए गए जाल में बुरी तरह फंस जाता है। कंपनी का मालिक देश के नामचीन चेहरों में से है, जो राजनीतिक सिस्टम में अपनी अहमियत जानने के लिए हमेशा लालायित रहता है। टेरर के बीच कॉमेडी के तालमेल ने दर्शकों को बांधे रखा। दर्शक कभी गंभीर होते तो कुछ ही देर बाद ठहाके लगाने को मजबूर हो जाते।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आईजी अनिल राव ने कहा कि रंगमंच व संगीत से भाईचारे की भावना बढ़ती है और नाटकों के माध्यम से वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परीपेक्ष्य का अहसास होता है। जीटीआईएस के रजिस्ट्रार उमेश सरोज ने मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर के उप निदेशक विश्व दीपक त्रिखा व समन्वयक गजेंद्र फौगाट का अभिनंदन किया। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता पेंटल, विख्यात अभिनेता महेंद्र मेवाती, एसडीएम अमरदीप जैन, डीएसपी कर्ण गोयल, प्रो.जतिंद्र शर्मा, दुष्यंत और केशव मौजूद रहे।