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जनता के सामने हंगामा अंदरखाने ‘क्लीनचिट’

7 वर्ष पहले
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विजेंद्र कौशिक - रोहतक
जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार तरुण गुप्ता व निगम पार्षदों के बीच की लड़ाई में बड़ा खुलासा हुआ है। पार्षद एक तरफ जहां ठेकेदार को हटाने के लिए शोर मचा रहे हैं, दूसरी तरफ 9 पार्षदों ने खुद ठेकेदार को लिखित में संतुष्टि प्रमाण पत्र ((काम से खुश होने का पत्र)) दे रखा है। हालांकि प्रमाण पत्र को लेकर पार्षदों के अपने-अपने तर्क हैं और यह पत्र दिसंबर में ठेकेदार को दिए गए हैं। पत्र उजागर होने से पार्षद बैकफुट पर आ गए हैं।
सवाल है कि क्या एक माह के अंदर ठेकेदार का काम इतना खराब हो गया कि उसे हटाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन, हंगामा और विधानसभा तक शिकायत की जाने लगी? क्या पार्षद मात्र जनता को दिखाने के लिए शोर मचा रहे हैं? पार्षदों ने दिसंबर में ठेकेदार को संतुष्टि प्रमाण पत्र दिया है। जबकि उन्होंने इसी माह डीसी व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जरूरी नहीं, फिर दे रहे संतुष्टि पत्र
नियमों के तहत पार्षद द्वारा ठेकेदार को संतुष्टि प्रमाण पत्र देना अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद 20 में से 8 पार्षदों ने लिखकर दिया है। ठेकेदार अधिकारियों के सामने अपना मजबूती से पक्ष रखने के लिए प्रमाण पत्र ले रहा है, ताकि भुगतान के समय कोई परेशानी न आए। अधिकारियों की उपेक्षा व सीवर ठेकेदार की कथित मनमानी से परेशान नगर निगम के पार्षद गुरुवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा से नहीं मिल सके। अब डीसी एवं निगम आयुक्त डा. अमित अग्रवाल के सामने शुक्रवार को पार्षद दर्द बयां करेंगे। शुक्रवार को एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में पार्षद सांसद से नहीं मिल सके।




नोट: पार्षदों की ओर से((ठेकेदार को दिए गए संतुष्टि प्रमाण की कॉपी दैनिक भास्कर के पास मौजूद ))

ञ्चखुलासा होने पर जनप्रतिनिधियों में खलबली, हर किसी के अपने तर्क

ञ्चसीवरेज समस्या को लेकर सांसद से नहीं मिल पाए पार्षद, अधिकारियों के साथ आज होगी बैठक

सीवर ठेकेदार को हटाने की मांग कर रहे पार्षदों का डबलगेम

...और भी पार्षद संतुष्टि पत्र देने के लिए तैयार

ठेकेदार तरुण गुप्ता का कहना है कि इनके अलावा और भी चार से पांच पार्षद संतुष्टि प्रमाण पत्र देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए तीन से चार दिन का समय मांगा गया है। अब भी जन स्वास्थ्य विभाग उसके कार्य से संतुष्ट नहीं है तो वह अपना ठेका रद्द कराने के लिए तैयार है।



वार्ड 1-राजबीर सैनी: 10 दिसंबर को जारी पत्र में लिखा प्रमाणित किया जाता है कि वार्ड नंबर-1 में सीवरेज के ढक्कन व फ्रेम की शिकायत थी, वो दूर हो गई है। ४ ढक्कन व फ्रेम बकाया हैं।

तर्क : केवल ढक्कन की समस्या दूर हुई है। वार्ड में सीवरेज व्यवस्था बदहाल है।

वार्ड 2-ममता रानी: वार्ड में सीवर की शिकायतों को तत्काल दूर करने के लिए मैं आभारी हूं।

तर्क : केवल दो जगह सफाई करवाई थी। संतुष्टि प्रमाण पत्र लेने के लिए ठेकेदार ने बार-बार फोन किया। इस कारण संतुष्टि पत्र दे दिया। पूरे वार्ड में सीवरेज व्यवस्था बदहाल है।

वार्ड 3-पार्षद सुशीला इंदौरा: 10 दिसंबर को दिए पत्र में लिखा प्रमाणित किया जाता है कि वार्ड नंबर-3 में ढक्कनों की शिकायत पूरी हो चुकी है। साथ ही शोरा कोठी वाले 60 फुट रोड की सफाई पूरी तरह कर दी गई है। अब रोड पूरी तरह से साफ-सुथरा है।

तर्क : फोन पर पूछा तो बाद में कॉल करने की बात कहकर फोन रख दिया।

वार्ड 10-अशोक खुराना: प्रमाणित किया जाता है कि वार्ड 10 की झंग कालोनी व मानसरोवर कालोनी में सीवरेज की बड़ी समस्या नहीं है। तरुण गुप्ता ठेकेदार का व्यवहार नागरिकों के प्रति सम्मानजनक है। उनको जो शिकायत दी जाती है, उसका तुरंत समाधान हो जाता है।

तर्क : गुप्ता के पास वार्ड की केवल दो कालोनी हैं। पार्षदों की बैठक में खुलकर कहा था कि उसके वार्ड में कोई समस्या नहीं है। आखिर कांग्रेस समर्थित पार्षद क्यों ठेकेदार का विरोध कर रहे हैं, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

वार्ड 11-अनिता मिगलानी: संतुष्टि पत्र में लिखा प्रमाणित किया जाता है कि जवाहर नगर, गांधी कैंप, पटेल नगर, चिन्योट कालोनी व डीएलएफ कालोनी में फिलहाल सीवरेज की कोई समस्या नहीं है। सभी समस्याएं ठेकेदार तरुण गुप्ता द्वारा हल कर दी गई हैं। मैं संतुष्ट हूं और ठेकेदार अच्छा काम कर रहा है।

तर्क : संतुष्टि पत्र एक माह पहले दिया था। बाद में डीएलएफ कालोनी से शिकायत आ रही हैं। मैं अब भी पार्षदों के पूरी तरह साथ हूं।

वार्ड 12-गुलशन ईश पुनियानी: संतुष्टि प्रमाण पत्र में लिखा कि श्रीमान जी, वार्ड 12 में सीवर व्यवस्था ठीक चल रही है। सफाई हो गई है। मेन हॉल की रिपेयर चल रही है।

तर्क : टैगोर ऑडिटोरियम में आया हुआ हूं। आवाज सुनाई नहीं दे रही। बाद में बात करूंगा।

वार्ड 15-अजय जैन ((टाटू)): 11 दिसंबर को दिए पत्र में लिखा कि एक्सईएन पब्लिक हेल्थ के ध्यानार्थ, वार्ड की सभी शिकायतें दूर हो गई हैं। मैं ठेकेदार के कार्य से संतुष्ट हूं।

तर्क : इंसानियत भी कोई चीज होती है। कई बार लिखना पड़ता है।

वार्ड 18-पूनम किलोई: 14 दिसंबर को दिए पत्र में लिखा कि पूर्व पार्षद सूरजमल वाली गली की सीवर लाइन शिकायत पर चालू कर दी गई है।

तर्क : केवल एक गली चालू की गई, पूरे वार्ड में सीवरेज व्यवस्था खराब पड़ी है। मैं पार्षदों के साथ हूं।



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