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बाल धुरंधरों ने ऊर्जा व पर्यावरण में दिखाई प्रतिभा
भास्कर न्यूज - रोहतक
जीवन में कुछ करना हैं तो मन को मारे मत बैठो, आगे बढऩा हैं तो हिम्मत हारे मत बैठो... यह कहावत सरकारी स्कूलों के उन बच्चों पर सटीक बैठती है, जिन्होंने सीमित साधनों के बावजूद हैरतअंगेज मॉडल प्रस्तुत कर यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि नन्हें कदम मौका मिलते ही आसमान छूने का दम रखते हैं।
मौका रहा, गुरुवार को दोपहर 1 बजे जाट उच्च विद्यालय में 41वीं प्रदेशस्तरीय प्रदर्शनी का। जहां राज्य भर से आए सैकड़ों बाल धुरंधरों ने ऊर्जा संरक्षण, जलवायु परिर्वतन, कृषि संसाधन संरक्षण व पर्यावरण शुद्धिकरण में अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दिया। किसी ने सौर उर्जा से गेहूं सुखाने का आइडिया दिया तो किसी ने ग्लोबल वार्मिंग के लिए छतों पर खेती का मॉडल पेश किया। डीईओ सत्यवती नांदल व डीईईओ बलवंत नरवाल ने बाल वैज्ञानिकों के विजन की सराहना की। शुक्रवार को प्रदर्शनी के अंतिम दिन विभाग की प्रधान सचिव सुरीना राजन विजेताओं को पुरस्कृत करेंगी।
सोलर कार पर सैर कर तेल कीमतों में वृद्धि से पाएं छुटकारा
प्रदेश सरकार कितने ही बिजली पूर्ति के दावे करें, लेकिन गांवों में शाम में अंधेरे की सच्चाई से कोई अछूता नहीं। इससे प्रेरणा लेकर बल्ल्भगढ़ के राजकीय कन्या विद्यालय से आई 12वीं कक्षा की छात्रा फराह खान ने सोलर ट्यूबवैल से न केवल बिजली पैदा कर खेतों में सिंचाई करने, मोबाइल चार्ज करने का रचनात्मक आइडिया दिया, और सोलर कार बनाने का भी विजन दिया।
ब्रेन कैंसर से बचना हैं तो 1.6 सार वैल्यू के मोबाइल करें प्रयोग
अंबाला में राजकीय माध्यमिक विद्यालय, बरौली के छठीं कक्षा के छात्र अंकुश ने मोबाइल रेडिएशन डेंजर एंड प्रोटेक्शन मॉडल से इसके दुष्प्रभाव व उपाय को दिखाया। इसमें बताया कि अगर ब्रेन कैंसर, सिरदर्द व याददाश्त से बचना है तो 1.6 सार वैल्यू से कम रेडिएशन वाले मोबाइल का प्रयोग करें। वहीं, ईयरफोन व एसएमएस के जरिए बातें करने की
आदत डालें।
तापमान बढ़ते ही बिजली बंद, शॉवर शुरू
एक छोटे से शॉर्ट सर्किट से पूरी बिल्डिंग में आग लग जाती है और सब नष्ट हो जाता है। इससे बचने के लिए सिरसा के मंडी डबवाली में नेहरू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 10वीं के छात्र अमनदीप सिंह ने फायर कंट्रोल व लाइफ केयर सिस्टम मॉडल के जरिए बताया कि जैसे ही कमरे में आग से तापमान बढ़ेगा, बिजली का मेन स्विच ऑटोमेटिक बंद हो जाएगा और शॉवर सिस्टम से पानी बहने लगेगा। वहीं, अच्छी गुणवत्ता
वाली लेदर की सीढिय़ों से 5 मिनट में लोग बिल्डिंग से बाहर निकल जाएंगे।
ऑयल स्कीमर के जरिए 80 फीसदी तेल बचाएं
हम अकसर सुनते हैं कि समुद्र में तेल का जहाज बह जाने या लीकेज से नुकसान हुआ, लेकिन फतेहाबाद के आरोही मॉडल स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र अजय ने इसका उपाय खोजा। ऑयल स्कीमर यानि डिस्क व बेल्ट टाइप मोटर के जरिए 80 फीसदी तेल को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। इससे आग लगने की संभावना भी कम रहेगी।
जिंदगी अनमोल, नशे से न करें मोल
बुजुर्गों ने कहा है कि जिंदगी को अनमोल मानते हुए नशे से मोल न करें। गुडग़ांव के सोहना से आए 12वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद नवाब ने ड्रग एब्यूज मॉडल द्वारा नशे के हजारों प्रकार सामने लेकर आए। नवाब ने बताया कि नशे की जकड़ में फंसे व्यक्ति किस तरह तंबाकू में छिपकली और मेंढक के पसीने का इस्तेमाल करते है। यहां तक कि 12 दिन से रखी जुराबों की गंदगी को भी पानी में डाल कर पीते है।
शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव सुरीना राजन विजेताओं को आज करेंगी पुरस्कृत