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1857 की कहानी, हरियाणा नहीं पंजाब की जुबानी

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रोहतक
बर्तानिया की ईस्ट इंडिया कंपनी के मुल्क में आते ही बंदिशें, प्रताडऩा, जकडऩ पसर गई, यह कहते हुए एक सांघी मंच पर आता है। थोड़ी देर में 15 और कलाकार ‘छाती चौड़ी, सर पै पगड़ी...’ गाते हुए मंच पर आते हैं। इसके बाद सांघी ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लगान की दास्तां को बयां करता है। माहौल गमगीन हो जाता है।
यह दृश्य है चंडीगढ़ के निर्देशक जीएस चन्नी द्वारा रचित नाटक 1857 की कहानी हरियाणा की जुबानी, लेकिन नाटक में न तो कलाकार हरियाणा के हैं और न ही उनकी बोली ठेठ हरियाणा की। यहां तक कि पगड़ी बांधने की तरीका भी हरियाणवी नजर नहीं आया। ठेठ हरियाणा की संस्कृति से परिचित लोगों ने हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर तैयार किए गए नाटक को पहली ही नजर में नकार दिया।
कलाकारों से बेरुखी, बना दिए सेंटर: हरियाणा की लोक संस्कृति का विदेशों में भी डंका बजने के बावजूद प्रदेश में कलाकारों की मंच पर प्रस्तुति न होना हैरानी जता गया। बता दें कि एमडीयू से ही लोक नृत्य ने दो साल पूर्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश में प्रथम स्थान हासिल किया था। वहीं कुरुक्षेत्र में कला को निखारने के लिए बनाया गया मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर भी इस दिशा में कोई विशेष कदम नहीं उठा पा रहा है।
बंद करवा दिया फायर अलार्म सिस्टम: नाटक में दो घंटे के लिए विवि की ओर से बड़ा आपात रिस्क लिया गया। सांसद की मौजूदगी में फायर अलार्म को ही बंद कर दिया गया। कारण, नाटक के बीच में मशाल का प्रयोग करना रहा।
दीपेंद्र की बाट में बैठे सैं: जैसे-जैसे नाटक आगे बढ़ रहा था, सभागार की सीटें भी खाली होती जा रही थी। 9 बजकर 17 मिनट पर अचानक सभागार के दाईं ओर से आवाज आई कि रै, नाटक नै कोए ना देखता, दीपेंद्र की बाट में बैठे सैं। थोड़ी देर में एक और युवक ने आवाज लगाकर कहा, भाई! बोर हो गए।
अखाड़े को दिए 15 लाख रुपए: इससे पहले, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा अर्जुन अवार्डी पहलवान सत्यवान के अखाड़े में आयोजित अभिनंदन समारोह में पहुंचे। सांसद ने अपने सांसद कोष से सत्यवान अखाड़ा में खेल सामान लाने के लिए 15 लाख रुपए राशि देने की भी घोषणा की।



॥ऐसा नहीं है कि हरियाणा में कलाकारों की कमी है। प्रदेश के कलाकारों के प्रति सरकार की उदासीनता और अविश्वास ने रचनात्मकता को एक कोने में बिठा दिया है। डॉ. जगबीर राठी, निदेशक, छात्र कल्याण विभाग, एमडीयू।