• Hindi News
  • कागजों में ही करौंथा आश्रम की सुरक्षा

कागजों में ही करौंथा आश्रम की सुरक्षा

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - रोहतक
बेहद संवेदनशील करौंथा आश्रम की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग के कागजों में जहां 20 जवान तैनात हैं, वहीं धरातल पर महज दो पुलिसकर्मी आश्रम की सुरक्षा की जिम्मा उठाए हुए हैं। आश्रम की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही कोताही से संत रामपाल के अनुयायियों में रोष है। अनुयायी विकास का कहना है कि जल्द वे डीसी से मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग करेंगे।
स्वामी दयानंद की सत्यार्थ प्रकाश पर टिप्पणी को लेकर 2006 से संत रामपाल व आर्य समाजियों के बीच तनाव चल रहा है। अप्रैल 2013 में प्रशासन ने आश्रम को संत रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट को सौंप दिया। आसपास के ग्रामीणों व आर्य समाजियों ने इसका विरोध किया। 12 मई को सैकड़ों ग्रामीणों व आर्य समाजियों ने आश्रम को घेर लिया। मामला इतना बढ़ा कि फायरिंग में तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। गृह मंत्रालय ने आश्रम की सुरक्षा के लिए पहले सीआरपीएफ व आईआरबी की टुकड़ी तैनात की, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते 25 मार्च को आईआरबी की टीम को वापस बुला लिया।
महज दो पुलिसकर्मी मिले
रामपाल के अनुयायियों का आरोप है कि शनिवार को जब समर्थक आश्रम पर पहुंचे तो केवल दो पुलिसकर्मी मौके पर मिले। इनमें एक सिविल वर्दी में था, जबकि दूसरा वर्दी में आश्रम के बाहर खड़ा मिला। जवानों के लिए लगाए गए तंबू भी खाली दिखाई दे रहे थे। इधर, डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि आश्रम की सुरक्षा के लिए 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। वे खुद आश्रम की सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं।




ञ्चरामपाल के अनुयायियों में रोष, डीसी से मिलकर करेंगे सुरक्षा की मांग

ञ्च15 दिन पहले चली गई आईआरबी की टीम, टैंट पड़े खाली

इंस्पेक्टर समेत बीस जवानों की तैनाती, शनिवार को मिले सिर्फ दो