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खनन माफिया के निशाने पर भी थे नायब तहसीलदार आनंद रावल

8 वर्ष पहले
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ञ्चछछरौली के तहसीलदार तीन दिन पहले हो गए लापता, अभी तक नहीं चला पता
भास्कर न्यूज -!- चंडीगढ़
छछरौली के गायब हुए नायब तहसीलदार आनंद रावल का पुलिस चौथे दिन भी पता नहीं लगा पाई है। माना जा रहा है कि रावल को गायब करने में खनन माफिया का भी हाथ हो सकता है। इसकी वजह यह है कि माइनिंग रोकने के कारण 11 अप्रैल, 2012 को रावल पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला किया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है।
यह पहला मौका नहीं जब रावल के मामले में पुलिस कार्रवाई संदेह के घेरे में हैं। इससे पहले जब 11 अप्रैल, 2012 को रावल पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला किया था जब भी पुलिस मामले में टालमटोल का रवैया अपनाए हुए थी। उस वक्त रावल बिलासपुर के नायब तहसीलदार थे। तब माफिया ने खनन जोन में गश्त के दौरान उन्हें घेर लिया था और कुचलने की कोशिश की थी। पत्थरों में हमलावरों की गाड़ी फंसने की वजह से रावल बाल बाल बच गए थे। इस मामले की जांच के लिए पुलिस की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई। घटना के दो माह बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जो आज कल जमानत पर है बाहर है।
पुलिस ने तब रावल के मामले को कितनी संजीदगी से लिया इसका अंदाजा इसी से लग सकता है, पुलिस तो आरोपियों को खोज नहीं पाई थी। भास्कर टीम ने आरोपियों से बातचीत की और इस बातचीत में उन्होंने खुद को बेकसूर करार दिया था। तब भी रावल का आरोप था कि पुलिस इस मामले में बस औपचारिकता निभा रही है।
हर पहलु से कर रहे जांच
इधर यमुनानगर के एसपी सिबास कविराज ने बताया कि हर पहलु को ध्यान में रख कर पुलिस जांच कर ही है। मामले की जांच पहले डीएसपी राजेश भारद्वाज से लेकर डीएसपी अजय राणा को केस दे दिया है। हम यूपी और उत्तरांचल पुलिस के भी संपर्क में हैं। अभी इस दिशा में कोई सफलता तो नहीं मिली। माफिया के हमले वाले मुद्दे पर उनका कहना है कि इस मामले को भी खंगाला जा रहा है। रावल गुर्जर समुदाय से संबंध रखते हैं, उनके गायब होने से इस समुदाय के लोग खासे गुस्से में हैं।

छछरौली में बिरादरी के मौजिज व्यक्ति राजेश ने बताया कि पुलिस मामले में ढीली कार्रवाई कर रही है। अभी तक अधिकारी के गायब होने का पता नहीं चल पाया है। दूसरी ओर रावल के चाचा बृजपाल का कहना है कि ऐसा क्या है अभी तक पुलिस रावल का पता नहीं लगा पाई। इस मामले में पुलिस को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। रावल के परिजन भी मानते हैं कि हो सकता है खनन माफिया ने रावल को गायब किया हो।
तीन जनवरी की रात को गायब हुआ था तहसीलदार

छछरौली नायब तहसीलदार आनंद रावल तीन जनवरी की रात को गायब हो गए थे। उनके गायब होने की जानकारी अगले दिन सुबह मिली। उनकी कार नेशनल हाइवे 73 ए के पास पंजेटो गांव में किसान रामतीर्थ के खेत में मिली। कार की चाबी लगी थी और गाड़ी के डॉक्यूमेंट भी वहीं पर पड़े मिले। कोहंड जिला करनाल निवासी आनंद रावल के परिजनों का कहना है कि रावल का कुछ दिन पहले एक ढाबा संचालक धर्मपाल से विवाद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि इसी विवाद के चलते रावल को गायब किया गया है।