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शासन का विकल्प नहीं हो सकती लोकलुभावन अराजकता : राष्ट्रपति

8 वर्ष पहले
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एजेंसी. नई दिल्ली राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी आम आदमी पार्टी के कामकाज पर आपत्ति जताई है। उन्होंने नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा- ‘लोकलुभावन अराजकता ((पॉप्युलिस्ट अनार्की)) कभी भी शासन की जगह नहीं ले सकती। सरकार कोई ‘चैरिटी शॉप’ नहीं है। जनता से झूठे और बड़े-बड़े वादे करने का बाद उन्हें पूरा न कर पाने से ही निराशा और अराजकता फैलती है।’ प्रणब मुखर्जी 65वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं निराशावादी नहीं हूं। मैं जानता हूं कि लोकतंत्र ऐसा डॉक्टर है जो खुद के घावों को भर सकता है।’ देश से अपील करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले कुछ साल खंडित और विवादास्पद राजनीति के रहे हैं लेकिन 2014 इन घावों के भरने का वर्ष होना चाहिए।