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आठ समझौते, जापान भारत को देगा 122 अरब रु. का कर्ज

8 वर्ष पहले
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एजेंसी. नई दिल्ली
भारत और जापान ने शनिवार को आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मानकीकरण, टेलीकॉम और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने संबंधी समझौते शामिल हैं।
ये समझौते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की शिखर बैठक के दौरान हुए। जापान ने भारत को विभिन्न परियोजनाओं के लिए 200 अरब येन ((करीब 122 अरब रुपए)) का ऋण देने की घोषणा की है।
सिंह ने जापान को भारत की तरक्की का प्रमुख साझीदार बताते हुए उसके साथ कारोबारी, आॢथक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प जताया। आबे ने भारत को औद्योगिक विकास विशेषकर हाईस्पीड रेलवे, मेडिकल केयर, औषधि निर्माण, कृषि और तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की पेशकश की।
आबे ने कहा कि उनका देश भारत को औद्योगिक विकास विशेषकर हाईस्पीड रेल, मेडिकल केयर, दवा, कृषि और थर्मल ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए तैयार है। भारत की यात्रा पर आए आबे ने भारत-जापान बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत में करीब 1000 जापानी कंपनियों की मौजूदगी के बाद भी जापान भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते बढ़ाना चाहता है।
सीआईआई, फिक्की और एसोचैम की बैठक में आबे ने कहा, मजबूत भारत और मजबूत जापान मिल कर दुनिया में चमत्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत को ही जापान की जरूरत नहीं है बल्कि जापान को भी भारत की जरूरत है।
शिंजो आबे जापान के पहले नेता हैं जो गणतंत्र दिवस
समारोह में मुख्य अतिथि हैं। वे शनिवार को राष्ट्रपति भवन में प्रणब मुखर्जी से मिले। दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक, व्यापारिक व निवेश संबंधी मुद्दों सहित
कई मामलों पर व्यापक विचार विमर्श किया।