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यहां ट्रेन का पता पूछने के भी लगते हैं पैसे

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज -!-गुडगांव . ट्रेन कितनी लेट है, टाइमटेबल में बदलाव हुआ है या नहीं। ट्रेनों से संबंधित कोई भी जानकारी लेनी है तो पहले पॉकेट से पैसे निकालिए, तभी आपको जानकारी मिलेगी। शायद सुनकर आपको ता\\\'जुब हो, लेकिन गुडग़ांव रेलवे स्टेशन पर महीनों से ऐसा ही चल रहा है। इसके बावजूद रेल कर्मचारी कई बार आग्रह करने के बाद उन्हें जानकारी देते हैं। गुडग़ांव रेलवे स्टेशन पर इन्क्वायरी काउंटर की ढीली कार्यप्रणाली के चलते ऐसी ही स्थिति बनी है। इन्क्वायरी काउंटर पर घंटों फोन घनघनाते रहते हैं, लेकिन इंक्वायरी कर्मचारी फोन उठाने की जहमत नहीं उठाते। कोहरे के कारण कई ट्रेनें लेट चल रही हैं, ऐसे में सैकड़ों यात्रियों को रोजाना गाडिय़ों, बस और ऑटो से सिर्फ यह पूछने के लिए स्टेशन आना पड़ता है कि ट्रेन समय पर है या नहीं। इसके बाद यात्री दोबारा ट्रेन के टाइम पर स्टेशन पहुंचते है, ताकि उन्हें घंटों इंतजार न करना पड़े। ट्रेनों के पीक आवर्स के समय इंक्वायरी काउंटर और ट्रेन इंक्वायरी फोन नंबर पर यही हाल देखने को मिला। सोमवार को ट्रेनों की पड़ताल करने के लिए अलग-अलग समय में स्टेशन पर खड़े होकर फोन किया गया, लेकिन कर्मचारी स्टेशन के बाहर धूप सेंकते रहे और फोन की घंटी बजती रही।
सही जानकारी नहीं मिलने पर यात्री ट्रेनों के सही टाइम पर स्टेशन पहुंच जाते हैं। यहां आकर पता चलता है कि ट्रेन दो घंटे लेट है। ऐसे में उन्हें मजबूरीवश स्टेशन पर घंटों गुजारने पड़ते हैं। यात्रियों का आरोप है कि इंक्वायरी नंबर पर जानकारी मिल जाने से सुविधा होती। उन्हें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता।