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फ्लाइंग स्क्वाइड रोकेंगे बस ऑपरेटर्स की मनमानी
विक्रम ढटवालिया - हमीरपुर
एचआरटीसी के डिवीजन स्तर की 4 फ्लाइंग स्क्वाइड आरटीओ के सुपुर्द हो गई हैं। मकसद सूबे में निजी बस ऑपरेट्र्स की मनमानी को रोकना है। डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट ने शिमला, मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला जोन स्तर के इन उडऩ दस्तों को स्टाफ और वाहनों सहित आरटीओ के सुपूर्द किया है। इसका प्रोसेश शुरू हो गया है। मुख्य कार्यालय उडऩदस्ता के नाम वाली इन फ्लाइंग स्क्वाइड के पास इंस्पेक्टर और वाहन हैं। ये अपने-अपने कार्य क्षेत्र में अभी तक केवल एचआरटीसी की बसों की ही चैकिंग किया करते थे। लेकिन अब इनके हवाले निजी और निगम की दोनों तरह की बसों को चैक करने का जिम्मा सौपा गया है। सूत्रों के मुताबिक हमीरपुर को छोड़कर अभी तक सभी जगह यह प्रोसेश मुकम्मल कर लिया गया है। दरअसल में आरटीओ की देखरेख में इन उडऩदस्तों को करने का मकसद यही है कि दोनों के तालमेल से ये निजी बस ऑपरेटर्स के भी सभी मामलों को जांचेंगे।
रोड परमिट, टाइमटेबल, पासिंग, टैक्स पेंडिंग, ओवर लोडिंग, यात्री टिकट जैसे सभी कागजात को यह उडऩदस्ता अब चैकिंग में शामिल करेगा। चूंकि इसमें आरटीओ कार्यालय का भी एक कर्मचारी इसमें शामिल किया गया है और एचआरटीसी के इंस्पेक्टर स्तर के कर्मचारी तो इसमें रहेंगे ही। निजी बस मालिकों की मनमानी को रोकने के लिए यह नायाब तरीका डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट ने अपनाया है। इसमें 16 वाहन रहेंगे। जिनमें ड्राइवर और इंस्पेक्टर एचआरटीसी का होगा और एक कर्मचारी आरटीओ कार्यालय का मिलकर गठित होने वाली इस फ्लाइंग स्कवायड का दायरा बढ़ाया गया है। अभी तक डिवीजन स्तर की इन फ्लाइंग स्कवाइड की रिपोर्टिंग संबंधित डिवीजनों में होती थी। मगर अब इनकी सुपूर्ददारी आरटीओ स्तर पर कर दी गई है।
आरटीओ के सुपुर्द हुई एचआरटीसी की चार फ्लाइंग्स, निजी बस ऑपरेटर्स के सभी मामलों की करेंगे जांच
मुझे जानकारी नहीं
इस बारे में डीएम एचआरटीसी दिलजीत सिंह का कहना है कि दो इंस्पेक्टर्स सहित वाहन और ड्राइवर की डिप्लाइमेंट डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट के आदेशों के मुताबिक कर दी गई है। इसकी ज्यादा जानकारी उन्हें नहीं है। सारा काम डायरेक्टर स्तर पर ही हो रहा है।